जिला परिषद की पहली बैठक का आयोजन सोमवार को महात्मा गांधी सामुदायिक पंचायत भवन में किया गया। बैठक में जिले के ज्यादातर विभागों के अधिकारी नदारद रहे। अधिकारियों की अनुपस्थिति का जिला पार्षदों ने जमकर विरोध किया।
बैठक में मौजूद एडीसी अंजू चौधरी ने मीटिंग में नहीं पहुंचने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही।
बैठक में परिषद के 21 वार्डों में तीन करोड़ रुपये के विकास कार्य कराने पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए चेयरपर्सन चमेली देवी ने पार्षदों के सामने विकास कार्यों का एजेंडा रखा। सोलंकी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 21 वार्डों में विकास कार्यों के लिए तीन करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि वार्डों में गलियों, नालियों, चौपाल निर्माण, कम्युनिटी सेंटर, शमशान घाट की चारदीवारी व शेड निर्माण करने पर खर्च की जाएगी।
पार्षदों ने चेयरपर्सन के सामने सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि को पंचायत के खाते में न देकर जिला परिषद के खाते में सीधे डालने की मांग की। पार्षदों ने बैठक से अधिकारियों के नदारद रहने का मुद्दा उठाया व एडीसी अंजू चौधरी व चेयरपर्सन सोलंकी के सामने विरोध जताया। पार्षदों ने मीटिंग से अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिस पर एडीसी अंजू चौधरी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।