पलवल। गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पिछले तीन दिन से जिले का तापमान लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को भी जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री तथा न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान बढ़ने के साथ-साथ धूल भरी गर्म हवाओं ने लोगों का सड़कों पर चलना मुश्किल कर दिया। लोग सड़कों पर चलते समय सिर पर साफी या तौलिया रखकर चल रहे हैं। इसके अलावा गर्मी से राहत पाने के लिए लगातार शीतल ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। घरों में भी कूलर व ऐसी शुरू हो गए हैं। वहीं अस्पतालों में गर्मी बढ़ने के साथ ही बुखार, उल्टी व दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
गर्मी बढ़ते ही बिजली के अघोषित कट भी बढ़ गए हैं। ग्रामीण के साथ शहरी क्षेत्र में बिजली बार-बार जा रही है। लोग गर्मी से बचने के लिए कूलर और ऐसी खरीद रहे हैं, लेकिन बिजली न आने से उसका भी फायदा नहीं हो रहा है। सुबह 11 बजे के बाद सूर्य देव अपने पूरे यौवन पर आ जाते हैं। धूप से बचने के लिए लोग छांव ढूंढते फिरते हैं। दुपहिया वाहन चालक साफी बांधकर तो पैदल चलने वाली महिलाएं छाते के सहारे धूप व लू से बचा रही हैं। जूस व शिकंजी की दुकानों पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी है। ठंडे पेय पदार्थों को पीकर लोग गर्मी से राहत ले रहे हैं। महिलाएं आंचल में बच्चों को छिपाकर धूप से बचाती नजर आती हैं।
सिर पर कपड़ा लपेटकर ही निकलें बाहर
गर्मी बढ़ने के बाद अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने लगी है। चार दिन से अस्पतालों में 50 से 10 मरीजों की ओपीडी बढ़ी है। ऐसे में डॉक्टर गर्मी से बचाव की सलाह दे रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि गर्मी से बचाव जरूरी है। कोशिश करें कि गर्मी अधिक होने पर घरों से कम निकलें। बाहर निकलते समय मुंह व सिर पर कपड़ा लपेट लें तथा ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। बुखार, उल्टी व दस्त की शिकायत होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाकर जांच कराएं तथा डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली सलाह से ही दवाइयां लें। बाहर की तली खाद्य वस्तुओं का सेवन न करें।