फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल, पारा 42 डिग्री पार

विज्ञापन
विज्ञापन
उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल, पारा 42 डिग्री पार
विज्ञापन

पलवल। जिले में गर्मी से लोग परेशान है। उमस भरी इस गर्मी ने लोगों का बाहर निकलना तो दूर घरों के अंदर एसी और कूलर में भी बैठना मुश्किल कर दिया है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा तथा न्यूनतम तापमान 31 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि आद्रता अधिकतम 36 प्रतिशत तथा शाम करीब चार बजे 25 प्रतिशत दर्ज की गई। उमस भरी इस गर्मी में गर्म हवाएं भी 11 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। मौसम विभाग के अनुसार अभी यह उमस भरी गर्मी इसी तरह से बरकरार रहेगी। यह उमस भरी गर्मी लोगों में उल्टी, दस्त, बुखार व एलर्जी जैसी बीमारियों को भी बढ़ावा दे रही है। लोग सड़कों पर चलते समय मुंह पर कपड़ा बांधकर चल रहे हैं। दुपहिया वाहनों पर भी चलने पर तेज तपिश पसीने में लोगों को तरबदर कर रही है। घरों व संस्थाओं में लगे कूलर तो और भी उमस बढ़ा रहे हैं। पसीनों के चलते लोगों का बैठना मुुश्किल हो गया है।
----
डॉक्टर दे रहे हैं बचने की सलाह
इस उमस भरी गर्मी में डॉक्टर बचने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों व बुजुर्गों को खासकर बचाने की जरूरत है। डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि लोगों को इस गर्मी में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। पसीनों के द्वारा पानी की कमी शरीर में होने लगती है तथा इस उमस भरी गर्मी में बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। सुबह व शाम को ठंडे पानी से नहाने की भी डाक्टर सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
सरकार ने गर्मी को देख स्कूलों की बढ़ाई छुट्टियां
प्रदेश सरकार ने गर्मी के कहर को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां सात जुलाई तक कर दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी इस संदर्भ में घोषणा कर सरकारी व निजी स्कूलों के सात जुलाई तक बंद रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार के इन आदेशों से बच्चों व शिक्षकों के चेहरे पर रौनक नजर आने लगी है। सरकारी स्कूलों ने तो इन आदेशों को लागू कर दिया है, लेकिन निजी स्कूल संचालक ने सरकार के इन आदेशों की पहले ही दिन खुलेआम धज्जियां उड़ाकर रख दी हैँ। जिले में अधिकांश निजी स्कूल सोमवार को सरकार के आदेशों के बावजूद खुले रहे। इस भीषण गर्मी में बच्चे कंधे पर स्कूल टांगकर स्कूल जाते नजर आए। दोपहर को छुट्टी के समय पर पीठ पर लटके स्कूल बैगों व उमस भरी गर्मी ने बच्चों का बुरा हाल कर रख दिया। छुट्टी होते ही बच्चे घरों की तरफ तेज कदमों से भागते नजर आए। स्कूलों के संचालकों नक स्कूल चलाकर साबित कर दिया कि उन्हें सरकार व शिक्षा विभाग के आदेशों की कोई परवाह नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें