पलवल। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के फरीदाबाद आगमन का विरोध करने रविवार को नरियाला पहुंचे किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सभी को बसों में बैठाकर वापस केजीपी-केएमपी पर धरनास्थल पर छोड़ दिया। हालांकि बाद में उपमुख्यमंत्री के होडल जाते समय अटोहां चौक पर किसानों ने नारेबाजी कर काली पॉलीथिन दिखाई। हालांकि पुलिस ने किसानों को राजमार्ग पर आने से रोक दिया।
फरीदाबाद के नरियाला में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के एक कार्यक्रम में आने की सूचना के बाद से ही किसान उनके विरोध की तैयारी कर रहे थे। रविवार को सैकड़ों की संख्या में पलवल के किसान गांव नरियाला पहुंचे। चौटाला के आगमन से पूर्व किसानों ने पंचायत कर आगे की रणनीति बनाई और काले झंडे दिखाकर विरोध करने का निर्णय लिया। वहीं दूसरी ओर किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। किसान नरयिाला पहुंचे और विरोध में नारेबाजी करनी शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और सभी को बसों में बैठाकर पलवल में चल रहे धरने पर छोड़ दिया। हिरासत में लिए गए किसानों के साथ पूर्व मंत्री करण दलाल भी शामिल रहे।
धरने में नए विधेयक का किया विरोध
किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहे धरने की अध्यक्षता रविवार को चौहान पाल के पंच जयनारायण चौहान व संचालन मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने की। पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि प्रदेश सरकार दमनकारी नीतियों पर उतर आई है। सरकार की नीतियों के खिलाफ कोई आवाज न उठा सके, इसलिए नए विधेयक लाई है। इसके पारित होने के बाद कोई भी आंदोलन नहीं कर पाएगा। संपत्ति क्षति वसूली विधेयक के जरिये सरकार आंदोलन करने वालों से मनचाही वसूली करेगी। महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सत्तापक्ष के नेताओं में किसानों का सामना करने की हिम्मत नहीं है। इसलिए नरियाला में कई जिलों की पुलिस को लगा दिया। किसानों को कार्यक्रम स्थल तक नहीं जाने दिया गया और हिरासत में ले लिया। सरकार किसानों से डरी हुई है। इसलिए नए-नए कानून बना रही है। इस मौके पर स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती, सोहनपाल चौहान, धर्मचंद घुघेरा, जगन डागर, रतन सिंह सौरोत, जगजीत कौर पन्नू, उदय सिंह, देवेश, राजकुमार ओलिहान, राहुल तंवर, ऋषिपाल चौहान आदि मौजूद रहे।