पलवल। नई शिक्षा नीति के तहत इस बार पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए मूल्यांकन परीक्षा 20 अप्रैल से शुरू होगी। इस व्यवस्था के तहत वार्षिक परीक्षा में असफल रहने या किसी विषय में कम अंक आने पर छात्रों को दोबारा अवसर दिया जाएगा, जिससे वे अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकें।
जिला एफएलएन समंवयक संदीप ने बताया कि यह कदम छात्रों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करने और उन्हें सीखने का दूसरा अवसर देने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और परीक्षा में फेल होने का डर कम होगा। बाल वाटिका-3 से कक्षा तीसरी तक के बच्चों का मूल्यांकन निपुण दक्षता के आधार पर किया जाएगा, जिसमें लिखित के साथ-साथ मौखिक परीक्षा भी शामिल होगी। इसके माध्यम से बच्चों की पढ़ने, लिखने, सुनने और समझने की क्षमता का समग्र आकलन किया जाएगा। वहीं, कक्षा चौथी और पांचवीं के लिए एससीईआरटी की ओर से तैयार प्रश्नपत्रों के आधार पर परीक्षा आयोजित होगी। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सके। संवाद