पलवल। आशा वर्कर यूनियन की जिला इकाई की बैठक बृहस्पतिवार को दूधौला व रसूलपुर के स्वास्थ्य केंद्रों पर संपन्न हुई। इस दौरान काफी समय से उठाई जा रही मांगों को लेकर 12 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया।
दूधौला में बैठक की अध्यक्षता सरोज देवी जबकि संचालन राज पांचाल ने किया। राज्य सचिव रामरति चौहान ने कहा कि 7 अगस्त से आशा वर्कर ने हड़ताल शुरू की। 26 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया गया। मुख्यमंत्री के ओएसडी ने 10 दिन में मुख्यमंत्री से सभी मांगों का हल करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन 5 महीने बीतने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने आज तक आशा वर्करों को बातचीत के लिए भी नहीं बुलाया है। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों की 8 एक्टिविटी की राशि काटी जा रही है। टच मोबाइल पर काम लिया जा रहा है, लेकिन मोबाइल नहीं दिया जा रहा। फील्ड में काम करने के पूरे उपकरण नहीं है। वर्ष 2018 में हुए समझौते को भी हरियाणा सरकार लागू नहीं कर रही है। इस मौके पर राजबाला, धर्मवती, मनीषा, सुजाता, कमलेश आदि मौजूद रहे।