संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मानदेय की बढ़ोत्तरी को लेकर आशा वर्कर्स यूनियन की हड़ताल 24वें दिन भी जारी रही। बृहस्पतिवार को भी कार्यकर्ताओं ने जिला नागरिक अस्पताल में धरना प्रदर्शन जारी रखते हुए काला दिवस मनाया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। चंडीगढ़ विधानसभा कूच के दौरान पुलिस के द्वारा की गई धक्का मुक्की में तबीयत बिगड़ने से यमुनानगर की आशा कार्यकर्ता पारुल की मृत्यु पर शोक प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान सरकार से मृतक आशा के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की गई। यूनियन नेता बाला की अध्यक्षता में आयोजित धरने का संचालन राजन ने किया।
जिला उप प्रधान जगबती व सीआईटीयू के जिला सचिव रमेश चंद ने कहा कि सरकार सत्ता के अहंकार में कार्यकर्ताओं की आवाज को अनसुना कर रही है। इसी अहंकार व घमंड ने प्रदेश की एक आशा की जान ले ली है। मृतक आशा कार्यकर्ता के दो बच्चे अपनी मां से हमेशा के लिए अलग हो गए। सरकार 24 दिन से चल रहे आंदोलन की सुध नहीं ले रही है। सरकार की संवेदनहीनता के करण ही प्रदेश कि महिलाओं पर बल प्रयोग किया जा रहा है तथा जगह-जगह महिलाओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। सरकार ने 27-28 अगस्त को आशा कार्यकर्ताओं को चंडीगढ़ जाने से रोकने के लिए यूनियन नेताओं के घरों पर पुलिस लगाकर उनको अपमानित करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 24 दिन से संघर्षरत आशाओं की बात सुनने व राहत देने की बजाय सरकार पुलिस का सहारा लेकर आशाओं का दमन करने पर तुली हुई है। सरकार की इस तानाशाही का प्रदेश का मेहनतकश वर्ग मिलकर जवाब देगा। प्रदर्शन को बाला, सुदेश, माला, राज पांचाल, शिक्षा, पवन व विनीता ने भी संबोधित किया।