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पराली जलाने के साथ अन्य मुकदमों को भी वापस ले सरकार

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पलवल। एमएसपी पर गारंटी कानूनों सहित छह प्रस्तावों की मांगों को लेकर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना जारी रहा। धरने की अध्यक्षता धनीराम थानेदार ने की, जबकि संचालन राजकुमार ओहलियान ने किया। धरने में किसान आंदोलन को एक साल पूरा होने पर शुक्रवार को भारी संख्या में पहुंचे किसानों का आभार जताया गया। आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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धरने में अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद घुघेरा ने कहा कि हिंदुस्तान के ऐतिहासिक किसान आंदोलन ने मोदी सरकार को झुकने को मजबूर कर दिया। जो सरकार यह कहती थी तीनों कृषि कानून किसी भी कीमत पर वापस नहीं होंगे, किसान और मजदूर की एकता ने मोदी सरकार को अपना फैसला वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया। किसान नेताओं ने मांग की सरकार को समय रहते तीनों कृषि कानूनों की तरह न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, किसानों के सभी प्रकार के मुकदमे वापस लेने, सात सौ शहीद किसानों को मुआवजा देना तथा केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए। सरकार जब तक इन मांगों को लागू नहीं करती किसान आंदोलन जारी रहेगा।किसान नेताओं ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री के पराली जलाने पर बने मुकदमों को वापस लेने की घोषणा की है। ऐसे की अन्य मुकदमों को भी सरकार वापस ले और संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को बुलाकर के सभी मांगों का समाधान करें। धरने को किसान नेता श्रीचंद्र महाशय, सोहनपाल चौहान, उदय सिंह सरपंच, रूपराम तेवतिया, अमित सरपंच ककराली, चेतराम, वीर सिंह चौहान, वीर सिंह दलाल, मास्टर महावीर सिंह, जयचंद चौहान, रंजीत सिंह ने संबोधित किया।
शहीद किसानों की आत्मा की शांति के लिए किया यज्ञ
आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों की आत्मा की शांति व सद्गति के लिए वैदिक संस्कृति से आर्य समाज धतीर द्वारा शांति यज्ञ किया गया। यज्ञ चंद्र मुनि वानप्रस्थी ने संपन्न कराया। चेतराम मेंबर ने यजमान की भूमिका निभाई। इस अवसर पर राष्ट्रवादी विचार मंच के संयोजक स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि एक साल में किसान आंदोलन के दौरान 700 किसान शहीद हुए तथा लाखों किसानों ने धरना में भाग लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
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