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10 साल पुराने डीजल वाहनों पर होगी कार्रवाई, बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए उपायुक्त ने दिए आदेश

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पलवल में कूड़ा जलाने से उठता धुआं - फोटो : Palwal
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पलवल। उपायुक्त कृष्ण कुमार के निर्देशों के बावजूद जिले में कूड़ा जलाने पर रोक नहीं लग पा रही है। इसके अलावा डीजल जनरेटर भी धड़ल्ले से चल रहे हैं। इतना ही नहीं कई बार आदेश जारी होने के बाद भी नगर परिषद पालिका और राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अब तक सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं किया गया है। हालात ये हैं कि अब भी सड़कों पर कूड़ा लगातार जलाया जा रहा है। इससे प्रदूषण का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को भी पलवल जिले में औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 246 दर्ज किया गया। बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए उपायुक्त ने 10 साल पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही फिर से जिले में कूड़ा जलाने वालों से सख्ती से निपटने तथा पानी का छिड़काव कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
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इन स्थानों पर जलता मिलता कूड़ा
जिले में कूड़े जलाने की घटनाएं लगातार जारी हैं। यह हाल तो तब है, जब एनजीटी के आदेश तथा जिला अदालत में इसे लेकर याचिका भी दायर की जा चुकी है। इतना ही नहीं नगर परिषद द्वारा अदालत में बाकायदा कूड़ा जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए शपथ पत्र भी दिया जा चुका है। लेकिन, अब तक न तो कूड़ा जलाने से रोका गया और न ही कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। शनिवार को भी पलवल में सब्जी मंडी, अनाज मंडी, पुराने जीटी रोड, मुख्य बाजार, राजमार्ग पर भी कई जगह कूड़ा जलता हुआ मिला।
ये रहा शनिवार को प्रदूषण का स्तर
पलवल में शनिवार को प्रदूषण का स्तर पीएम-10 और अधिकतम एक्यूआई 406 रहा। वहीं औसतन 246 तथा न्यूनतम 171 रहा।
अस्थमा और टीबी के मरीजों को सांस लेने में हो रही दिक्कत
पर्यावरण विशेषज्ञ आत्माराम पालीवाल, आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. धर्म प्रकाश आर्य, जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि प्रदूषण का स्तर अधिकतम समय तक खतरनाक मोड़ पर रहने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। ऐसे में अस्थमा और टीबी के मरीजों को ज्यादा दिक्कत होती है। ऐसे मरीजों को प्रदूषण के चलते घर से बाहर कम ही निकलना चाहिए। जहां कूड़ा जलाया जा रहा है, वहां से गुजरते समय मुंह पूरी तरह कपड़े से ढका होना चाहिए। इनके अलावा सामान्य लोग भी घर से बाहर निकलते समय पर मास्क पहनकर निकले। सांस लेने की समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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निरीक्षण दल का होगा गठन
उपायुक्त कृष्ण कुमार ने बताया कि डीजल जनरेटर चलाने पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। 10 साल पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा नगर परिषद व राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को सड़कों पर पानी का छिड़काव करने तथा कूड़ा जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निकायों द्वारा कचरा जलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पराली जलाने पर रोक रहेगी। इनकी जांच करने के लिए निरीक्षण दल गठित किया जाएगा।
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