तावड़ू। अनाज मंडी में बृहस्पतिवार से सरसों की आवक शुरू हो गई है। अभी बेहद कम मात्रा में फसल की आवक हुई। पिछले दिनों हुई बारिश और ओलों की मार का असर आवक पर साफ दिखाई दे रहा है। किसानों की मानें तो इस बार सरसों की बिजाई घाटे का सौदा रही।
गौरतलब है कि मेवात में सरसाें को पीला सोना भी कहा जाता है। गेहूं के बाद यहां इसकी सबसे अधिक पैदावार होती है। सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण यहां के किसान सरसों को वरीयता देते हैं।
किसान जोधाराम, नंदलाल, शेर सिंह, राजीव, तैयब हुसैन, रमजान खान, दयाराम, सूरत सिंह, इकबाल खान, यूनुस खान, इब्राहिम खान, याकूब खान और अलीशेर कहते हैं कि खराब मौसम के कारण फसल को खूब नुकसान हुआ है। मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार ने बताया कि अनाज मंडी में बृहस्पतिवार को सरसों की पचास बोरियों की आवक हुई। उन्होंने बताया कि 2600 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से फसल की खरीद हो रही है। जबकि सरकारी रेट भी तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल है। मौसम की मार के कारण पिछले साल की तुलना में इस बार पैदावार में कमी आई है।
बिजली कटौती से परेशान हैं लोग
तावडू़। गर्मियों के शुरू होते ही बिजली गुल रहने लगी है और एक दिन में कई बार बत्ती गुल होती है। इससे लोग हलाकान हैं। कस्बे के शब्बीर हुसैन वकील, श्वेता, सुरेंद्र प्रधान, वीर सिंह, राजीव कुमार, मदनलाल, मयंद मोहन, अकबर खान, प्यारेलाल जांगिड, श्यामलाल भगतजी, मुबीन खान, शमसुद्दीन, शेर मोहम्मद और हाकम खान ने बताया कि बिजली निगम के गलत शेडयूल के चलते लोग पहले ही परेशानी झेल रहे थे। अब बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है जो कोढ़ में खाज का काम कर रही है। एक दिन में कई बार लाइट चली जाती है। लोगों ने बताया कि मार्च में यह हाल है तो आगे न जाने क्या होगा। इस बारे में बिजली निगम के जेई सिटी का कहना है कि पीछे से बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने के कारण इसका यहां असर देखा जा रहा है।