पलवल। भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम की नगरी में रविवार की रात से रामलीला का मंचन शुरू हो गया। आदर्श रामलीला कमेटी जवाहर नगर कैंप में मंचन के पहले दिन कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और लंकापति रावण में संवाद होता है। रावण पर्वत को उठाने का प्रयास करता है, लेकिन सफल नहीं होता। बाद में भगवान महादेव रावण की भक्ति से खुश होकर उन्हें चंद्रहास तलवार दे देते हैं। लंकापति तलवार पाकर प्रसन्न मुद्रा में चिल्लाता हुआ वापस अपनी नगरी में चला जाता है।
दूसरा दृश्य:- इसके बाद वेदवती और रावण में संवाद होता है। रावण वेदवती को जंगल में अकेली पाकर उनकी सुंदरता का बखान करता है। वेदवती बार-बार रावण को चेतावनी देती है, लेकिन वह उन्हें बहकाने का प्रयत्न करता है। वह सती वेदवती का गला पकड़ लेता है। यह मंचन देखकर उपस्थित सभी लोगों की आंखों में भी गुस्सा आ जाता है। गुस्साई वेदवती हुंकार भरती है और कहती है ‘मरण इक बार होता है, सती नारी का जीवन में, प्रण, इक बार होता है’। इसके बाद वेदवती श्राप देती है कि अगले जन्म में वह रावण की मृत्यु का कारण बनेगी।
तीसरा दृश्य:- श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता को तीर्थ यात्रा पर ले जाते समय जंगल से गुजरते हैं। जब माता-पिता को प्यास लगती है तो श्रवण कुमार उन्हें पेड़ की छांव में बैठाकर नदी में जल लेने चले जाते हैं। इसके बाद दिखाया जाता है कि कैसे महाराजा दशरथ के एक बाण से श्रवण कुमार की मृत्यु हो जाती है। महाराजा दशरथ को पूरी घटना का पता चलता है तो वे श्रवण कुमार के माता-पिता के लिए जल लेकर पहुंचते हैं। माता-पिता को पुत्र की मृत्यु का पता चलता है तो वे महाराजा दशरथ को पुत्र वियोग का श्राप देते हैं।
पहले दिन शुरू में दर्शकों की संख्या कम थी, लेकिन कलाकारों के अभिनय व माइकों पर जोरदार आवाज सुनकर लोगों की भीड़ भी बढ़ गई। रावण का रोल जितेंद्र शर्मा ने, जबकि वेदवती का रोल मोहित बजाज ने किया। मंचन की शुरुआत पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने रिबन काटकर की।
व्यापारी व नेता भी कर रहे अभिनय
रामलीला में अभिनय करने वाला कोई इलेक्ट्रिीशियन है, तो कोई मैकेनिक है और कोई व्यापारी। रामलीला मंचन की संस्कृति खत्म होने के कगार पर है। ऐसे में जवाहर नगर कैंप में युवा इसे सहेजने का काम कर रहे हैं, ये कोई प्रशिक्षित कलाकार नहीं हैं। ये युवा कलाकार जब पहली बार पर्दे पर आए तो उनके दोस्तों ने उनका मजाक उड़ाया, लेकिन वे अपने निश्चय से भटके नहीं और अपने अभिनय में लीन रहे। शहर के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले नन्हें कलाकार भी रामलीला में अभिनय में प्रतिभा दिखा रहे हैं। पांचवीं कक्षा से बारहवीं व स्नातक की पढ़ाई कर रहे युवा इस बार जवाहर नगर कैंप की रामलीला में दिखाई देंगे।