मेवात। मेवात पुलिस ने अदालत के आदेश पर मरोड़ा गांव के सरपंच, पटवारी सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामला एक विधवा की शादी से संबंधित है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
अदालत में दायर इस्तगासा के अनुसार, गांव अकबरपुर की रूकमीना की शादी करीब एक साल पहले गांव मरोड़ा के 22 वर्षीय शौकीन के साथ हुई थी। 22 जनवरी 2012 को एक सड़क दुर्घटना में शौकीन की मौत हो गई। लड़की के ताऊ आस मोहम्मद का कहना है कि मौत के बाद जब वे गांव मरोड़ा गए और शौकीन के छोटे भाई से रूकमीना की शादी तय करने कि बात कही। चूंकि मुस्लिम धर्म में 4 माह 10 दिन तक किसी विधवा को शादी करने इजाजत नहीं है, इसलिए लड़की ने अपने ससुराल में ही यह अवधि पूरी की। उसके बाद अकबरपुर के लोग मरोड़ा में लड़की का निकाह करने पहुंचे तो उन्होंने रूकसीना को अपनाने से साफ मना कर दिया गया।
उधर, अकबरपुर गांव के सरपंच जान मोहम्मद का कहना है कि सरकार राजीव गांधी राहत योजना के तहत दुर्घटना में शौहर के मारे जाने पर विधवा और परिवार को एक लाख रुपये की राहत राशि देती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लड़के के पिता ने अपने गांव के सरपंच मजीद और पटवारी गुलशन कुमार की मदद से फ र्जी कागजात तैयार कराए और राहत राशि हड़पने की कोशिश करने लगे। इसी बीच इसकी भनक लड़की वालों को लग गई। उन्हाेंने समाज कल्याण विभाग को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद लड़की वालों ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में इस्तगासा दायर कर दिया। पुलिस का कहना है कि अदालत के आदेश पर मरोड़ा के सरपंच, पटवारी और शौकीन के पिता हसन मोहम्मद के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 120 तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।