लापरवाही : कूड़े के ढेर में पड़ी मिली सरकारी अस्पतालों की दवाइयां
- स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, अगस्त 2019 है दवाइयों की अंतिम तिथि
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। न्यू एक्सटेंशन कॉलोनी के वार्ड 14 की गली नंबर दो के एक खाली प्लाट में शनिवार को भारी मात्रा में सरकारी दवाइयां कूड़े के ढेर में पड़ी मिली। इनमें ज्यादातर पेट के कीड़े मारने की दवाई, ओआरएस घोल के अलावा कुछ अन्य दवाइयां भी थी। सुबह की सैर कर रहे लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी तो विभाग में हड़कंप मच गया तथा मौके पर विभाग की टीम पहुंच गई।
वार्ड निवासी मनोज कुमार व पूर्व पार्षद पति देवी दलाल ने बताया कि वह सुबह घर से सैर करने के लिए निकले थे। तभी उनकी नजर कूड़े के ढेर में पड़ी दवाइयों पर पड़ी। जब उन्होंने पास जाकर दवाइयों को जांचा तो उन पर हरियाणा गवर्नमेंट सप्लाई ऑनली (केवल हरियाणा सरकार द्वारा वितरित) लिखा देखकर चौंक गए और तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग और सरकारी अस्पताल के डाक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। जब डाक्टरों ने दवाइयां को जांचा और उन्हें कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल में लाए तो उनके होश उड़ गए। इन दवाइयों पर अंतिम तिथि अगस्त 2019 लिखा हुआ था। स्वास्थ्य विभाग अब अपनी इस लापरवाही को छुपाने की कोशिश में लगा हुआ है, क्योंकि ये दवाइयां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों को खिलाने के लिए दी जाती हैं। लेकिन ये पूरी दवाइयों कूड़े के ढेर में पड़ी मिली हैं। खबर लिखे जाने तक विभाग ने दवाइयों की मात्रा का खुलासा नहीं किया है।
कूडे़ के ढेर में दवा मिलने की सूचना मिलने पर मैंने डाक्टरों की टीम भेजी और टीम ने सभी दवाइयों को कब्जे में लिया। इन दवाइयों में बच्चों को दी जाने वाली आयरन की गोली और ओआरएस के अलावा कुछ अन्य दवाइयां भी थीं। ये पूरी दवाइयां इस वार्ड की एएनएम को बांटने के लिए दी गई थी। लेकिन ये दवाइयां कूड़े में ढेर में कैसे पहुंची, मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। इतनी बड़ी लापरवाही पर एएनएम और आशा वर्कर्स को निलंबित भी किया जा सकता है। इस मामले में गहनता से जांच की जाएगी तथा लापरवाही से दवाइयां फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डा. प्रदीप शर्मा, सिविल सर्जन