सभी स्कूलों में बच्चों के लिए किए जाएं साफ पानी के इंतजाम
- एसडीएम ने सरकारी, गैर-सरकारी स्कूलों के मुखिया को पत्र लिख दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
होडल। एसडीएम गजेंद्र सिंह ने कहा कि निजी स्कूलों के बच्चों को भले ही फिल्टर या आरओ का पानी नसीब होता हो, लेकिन कुछ सरकारी स्कूल के बच्चे अभी भी स्कूल के हैंडपंप, टंकी या मटके के पानी के भरोसे ही होते हैं। यदि यह पानी दूषित होता है तो बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। उन्होंने उपमंडल के सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों के मुखिया को पत्र लिखकर स्वच्छ पानी व स्वच्छ शौचालय उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को एसडीएम ने स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को उपलब्ध करवाए जा रहे पीने के पानी को लेकर सभी स्कूलों के प्रबंधकों को खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से पत्र जारी करते हुए कहा कि उपमंडल के सभी निजी व सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को वहां के प्रबंधक स्वच्छ पानी व स्वच्छ शौचालय उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में दूषित पेयजल बच्चों में कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में फ्लोराइड की मात्रा भी घटती-बढ़ती है, अंजाने में कई स्कूलों के बच्चे फ्लोराइड युक्त पानी पीकर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, ऐसे में स्कूलों के पानी की जांच भी की जायेगी और जांच रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। इस जांच में यदि स्कूल के पानी में तय मापदंड से अधिक फ्लोराइड, लवण या अन्य अशुद्धियां मिलती हैं तो पानी को साफ करने के इंतजाम किए जाएंगे, यदि पानी पीने योग्य नहीं है तो ऐसे स्कूलों में पेयजल के वैकल्पिक इंतजाम भी किए जाएंगे।