जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री घनश्याम सर्राफ ने कहा है कि 84 गांवों में पेयजलापूर्ति के लिए 185 करोड़ रुपये की लागत की जलसंवर्धन परियोजनाएं चलाई जाएंगी। योजनाओं को राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से मंजूरी के लिए भेजा है। वे शुक्रवार को ढेर मोहल्ला में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बने वाटर टैंक का (बुस्टिंग स्टेशन) का उद्घाटन के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
सर्राफ ने कहा कि सीएम मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर विकास कार्य कर रही है। उन्होंने पेयजलापूर्ति से संबंधित लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए।
बाद में मंत्री सर्राफ ने हथीन खंड के कौंडल गांव में पेयजलापूर्ति संयंत्र का निरीक्षण किया और इस संयंत्र पर 16 लाख रुपये की लागत से बनने वाले एक और बुस्टिंग स्टेशन को जल्द से जल्द बनाने के आदेश दिए। इससे पूर्व उन्होंने गांव रहीमपुर स्थित पेयजलापूर्ति संयंत्र का निरीक्षण किया।
उन्होंने हथीन के पेयजलापूर्ति संयंत्र का भी निरीक्षण किया व संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम में सीएम के राजनीतिक सचिव दीपक मंगला ने पलवल में बुस्टिंग स्टेशन प्रारंभ करने के लिए मंत्री सर्राफ का आभार जताते हुए कहा कि इससे शहर के ऊंचाई वाले इलाकों में पर्याप्त पेयजलापूर्ति सुनिश्चित हुई है।
कार्यक्रमों में पृथला के विधायक टेकचंद शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह सौरोत, रामबाबू खंगारोत, मुकेश सिंगला, वीरपाल दीक्षित, चन्द्रभान गुप्ता, जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियन्ता ललीत अरोड़ा, कार्यकारी अभियन्ता जनकराज व कार्यकारी अभियन्ता फैजल इब्राहिम आदि मौजूद रहे।