रोडवेज हड़ताल : चक्का जाम, लोग हलकान
परिवहन निगम को लाखों रुपये का घाटा, दैनिक यात्री निजी वाहनों में यात्रा करने को रहे मजबूर
- किलोमीटर आधार पर निजी बसों को शामिल करने का हो रहा विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। हरियाणा रोडवेज में किलोमीटर आधार पर निजी बसों को शामिल करने के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल मंगलवार से शुरू हो गई। रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान बस डिपो से एक भी बस नहीं चलने दी तथा धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तानाशाही का आरोप लगाया। रोडवेज की दो दिन की हड़ताल को सर्व कर्मचारी संघ व अन्य कर्मचारी संगठनों द्वारा भी समर्थन दिया गया। हड़ताल के कारण मंगलवार को बसों में यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी हुई, वहीं रोडवेज को करीब 10 लाख रुपये का घाटा भी हुआ। हड़ताल का फायदा उठाते हुए निजी बसों व अवैध वाहनों ने खूब चांदी कूटी।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर शुरू की गई दो दिन की हड़ताल पर रोडवेज कर्मचारी सुबह से ही बस अड्डा पर आकर एकत्रित होने शुरू हो गए। धरने पर बैठे कर्मचारियों को प्रशासन ने समझाने का भी प्रयास किया तथा बाहर से भी चालक बुलवाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए। प्रशासन ने हड़ताल के दौरान भारी पुलिस बल भी बस अड्डा पर तैनात किया हुआ था।
हड़ताल को संबोधित करते हुए रोडवेज कर्मचारी नेता गंगाराम सौरोत ने बताया कि प्रदेश में आबादी के अनुसार करीब 14 हजार बसों की जरूरत है, परंतु सरकार रोडवेज बेड़े में बसें बढ़ाने की बजाय पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की नीयत से कार्य कर रही है और 750 निजी बसों को परमिट जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे सरकार की इस तानाशाही को बरदाश्त नहीं करेंगे। हड़ताल को रमेश चंद, सचिव बनवारी लाल, जितेंद्र सिंह तेवतिया, योगेश शर्मा ने भी संबोधित किया।
इस हड़ताल के चलते आम लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही लोग गाड़ियों के लिए भटकते रहे तथा मजबूरी में निजी बसों व अवैध वाहनों, तिपहियों का सहारा लेना पड़ा। लिंक मार्गों पर बसे गांवों के लोगों व स्कूल, कॉलेज जाने वाले बच्चों को बेहद परेशानी हुई। उन्हें तिपहियों व अवैध वाहनों में लटककर यात्रा करनी पड़ी। रोडवेज की हड़ताल के कारण ट्रेनों में भी काफी भीड़ रही तथा लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करते नजर आए।
जिलाधीश ने लगाई धारा 144
जिलाधीश डा. मनीराम शर्मा ने हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए जिले में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपराधिक अधिनियम 1973 की धारा 144 के अंतर्गत असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को रोकने के लिए आदेश जारी किये हैं। इसके अंतर्गत हड़ताल/धरना/विरोध प्रदर्शनों के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा सरकारी व गैर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की संभावना, कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने तथा चिकित्सा सुविधाओं के बाधित होने की आशंका को देखते हुए पलवल, होडल, हसनपुर, बहीन व हथीन के बस अड्डों, रोडवेज वर्कशॉप पलवल व अन्य सरकारी संस्थानों में किसी भी व्यक्ति द्वारा घातक हथियारों को लेकर चलने पर पाबंदी रहेगी। हरियाणा रोडवेज डिपो, रोडवेज कार्यालय, वर्कशॉप, बस स्टैंड, हॉस्पीटल, पावर हाउस, वाटर सप्लाई बूस्टिंग स्टेशन, ट्रांसपोर्ट इत्यादि जगहों पर 200 मीटर के दायरे के अंदर चार या चार से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर इकट्ठे खड़े नहीं होंगे तथा किसी भी प्रकार की जनसभा व धरना प्रदर्शन करने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिस व अन्य सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे। आदेशों की अनुपालना ना करने वाले व्यक्ति पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश हड़ताल खत्म होने तक जारी रहेंगे।