जिला परिषद चेयरपर्सन के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो देंगे सामूहिक इस्तीफा
- मुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री से मिल 16 पार्षदों ने की जिला परिषद चेयरपर्सन की शिकायत
- 10 माह से बैठक नहीं करने और सरकार से आए अनुदान राशि का दुरुपयोग करने समेत कई आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। जिला परिषद चेयरपर्सन और पार्षदों का विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला दोनों तरफ से पुलिस में पहुंचने के साथ-साथ अब केंद्रीय राज्यमंत्री और मुख्यमंत्री के दरबार में भी पहुंच गया है। मामले को लेकर करीब 16 पार्षद बुधवार को मुख्यमंत्री से मिले। उन्होंने चेयरपर्सन चमेली देवी के खिलाफ शिकायत कर बैठक नहीं करने तथा सरकार से आए अनुदान का दुरुपयोग कर घोटाला करने का आरोप लगाया है। पार्षदों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मिलकर घोटालों की जांच करने व चेयरपर्सन को पद से हटाने की मांग की है।
विवाद में जहां चेयरपर्सन चमेली देवी कुछ पार्षदों पर हमला करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही हैं तो दूसरी तरफ पार्षद चेयरपर्सन पर एक महिला पार्षद पर गाड़ी चढ़वाने का आरोप लगा रहे हैं। जिला परिषद में बढ़ रहा यह विवाद जल्द दूर नहीं हुआ तो आने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा सरकार के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होगा। बृहस्पतिवार को चेयरपर्सन चमेली देवी के खिलाफ केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मिलकर लौटे पार्षदों ने घोटालों की जांच व कार्रवाई न कराने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की भी चेेतावनी दी है।
कुछ जिला पार्षदों ने पिछले दिनों चेयरपर्सन चमेली देवी व परिषद के कार्यकारी अधिकारी पर 10 माह से बैठक न करने, सरकार से आई दो करोड़ रुपये की अनुदान राशि को बिना बैठक के अपनी मनमर्जी से वार्डों में लगाने तथा ठेकेदारों से मिलकर कमीशन के रूप में मोटा घोटाला करने का आरोप लगाया था। पार्षदों के इन आरोपों के बाद 31 दिसंबर को परिषद की बैठक बुलाई गई थी। उस बैठक को कार्यकारी अधिकारी के छुट्टी पर जाने के कारण अचानक रद्द कर दिया गया था। जिस पर पार्षदों व चेयरपर्सन के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था। जिसके बाद चेयरपर्सन चमेली देवी ने पार्षद आशावती व कुछ पार्षदों पर गाड़ी से खींचकर मारपीट करने का आरोप लगा कैंप थाने में शिकायत दी थी, वहीं पार्षद आशावती व अन्य पार्षदों ने चेयरपर्सन पर आशावती को गाड़ी से कुचलने की कोशिश का आरोप लगा पुलिस में शिकायत दी थी। हालांकि पुलिस की तरफ से अभी तक किसी भी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई है।
पार्षद आशावती, वाइस चेयरमैन संतराम बैसला, पार्षद बिंदू ढकोलिया, ओमवती, चंदन सिंह, प्रसादी लाल ने बताया कि यदि चेयरपर्सन के खिलाफ सरकार ने सख्त कदम नहीं उठाया तो 16 पार्षद सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे। वहीं चेयरपर्सन चमेली देवी का कहना है कि वे भी मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखेंगी तथा पार्षदों द्वारा उनके साथ की गई हरकत की शिकायत करेंगी।