पराली जलाने वालों पर प्रशासन सख्त, वसूला जुर्माना
- हसनपुर में 121 तथा होडल में 19 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज
होडल। धान की पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ अब प्रशासन लगातार गंभीर होता जा रहा है। शुक्रवार को भी जिला प्रशासन ने इस मामले में हसनपुर में 121 किसानों के खिलाफ मामले दर्ज करीब 1 लाख 45 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है, जबकि होडल में करीब 60 हजार रुपये का जुर्माना वसूल कर 19 किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पराली जलाने के मामले में भिडूकी व बांसवा के सरपंच को निलंबित किए जाने के बाद गांवों के सरपंचों में भय भी है और साथ ही प्रशासन के खिलाफ रोष भी है। सरपंचों ने तो इसे प्रशासन व सरकार का तुगलकी फरमान कह इसके खिलाफ पंचायत करने का भी निर्णय लिया है। प्रशासन पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ उन्हें जागरूक भी कर रहा है कि वे पराली न जलाएं। वहीं किसानों का कहना है कि उनको पराली न जलाने का जब तक उचित मुआवजा नहीं दिया जाता तब तक उन्हें कोई नहीं रोक सकता।
सैटेलाइट से रखी जा रही है निगरानी
विभाग पराली जलाने की प्रक्रिया पर सैटेलाइट से नजर रख रहा है। जिस जगह पराली जलाई जाएगी उसकी तस्वीर सेटेलाइट से लेकर संबंधित विभागों को भेजी जाएंगी। संबंधित विभाग उसके बाद कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा ग्रामीण स्तर पर भी विभाग की तरफ से कर्मचारियों व वालंटियरों की तरफ से पराली जलाने की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसी मामले में गांव भिडुकी व बाँसवा के सरपंचों को निलंबित कर दिया गया ।
प्रशासन की सख्ती कारण किसानों में रोष
किसान नेता केशव देव ने कहा कि किसान ज्यादा खर्च से बचने के लिए ही पराली को आग के हवाले करते हैं क्योंकि उनको पहले ही फसलों का पूरा मूल्य नहीं मिलता और पराली पर कोई खर्च किसान सहन नहीं कर सकते। सरकार को चाहिए कि किसानों को पराली के हल के लिए योग्य मुआवजा दे। बिना किसी उचित मदद के किसानों पर कार्रवाई सही नहीं है। नेताओं ने कहा कि प्रशासन और सरकार किसानों को पराली जलाने का मुआवजा देने में नाकाम साबित हुए हैं। वहीं गांवों के सरपंचों का कहना है कि यदि भिडूकी व बांसवा के सरपंचों को बहाल नहीं किया गया और इस तरह की कार्रवाई नहीं रोकी गई तो सरपंच एसोसिएशन के बैनर तले जिले के गांवों के सरपंच एकजुट होकर प्रशासन व सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
सरकार के निर्देशों और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड व खेती विभाग की तरफ से पराली को आग लगाने वाले किसानों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। इसके तहत प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की तरफ से पराली जलाने वाले किसानों को 2500 रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक जुर्माना किया जाएगा। इसके अलावा खेती विभाग की तरफ से संबंधित किसानों को मिल रहे सरकारी लाभों पर भी कट लग सकता है। किसानों को सब्सिडी वाली वस्तुएं देने पर भी रोक लगाई जा सकती है। - डा.मनीराम शर्मा, जिला उपायुक्त