उपायुक्त डॉ. जे गणेसन ने बताया कि बकरियांवाली गांव में स्थापित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ओर से एक करोड़ नौ लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही कचरे से 1.4 मेगावाट प्रति घंटा बिजली पैदा करने की योजना पर काम चल रहा है।
बताया कि शीघ्र ही प्लांट की विस्तार योजना पर कार्य किया जाएगा और प्लांट की कूड़ा निस्तारण की क्षमता 50 एमटी से बढ़ाकर 75 एमटी की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा इस प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए परियोजना तैयार कर राज्य सरकार को भेजी गई है जिसकी सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि बकरियांवाली गांव में 2006 में लगभग नौ करोड़ रुपये के लागत से 13 एकड़ से भी अधिक भूमि पर प्लांट की स्थापना की गई है। उस समय शहर की आबादी को ध्यान में रखते हुए प्लांट की क्षमता 50 एमटी रखी गई थी चूंकि शहर की आबादी दो लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। एक सर्वे के आधार पर औसतन 300 ग्राम प्रति व्यक्ति कूड़ा निकलने का अनुमान है इसलिए स्थानीय निकाय विभाग द्वारा 75 एमटी तक प्लांट की क्षमता बढ़ाने की परियोजनाओं को मंजूरी दी।
उन्होंने बताया कि प्लांट में एकत्रित कूड़े से बिजली बनाने की परियोजना के कार्य पर भी विचार किया जा रहा है। कचरे से बिजली पैदा करने की यह योजना सिरे चढ़ती है तो इस प्लांट से 1.4 मेगावाट प्रति घंटा बिजली पैदा होगी और इस प्रकार से यह प्लांट इलाके के लिए और उपयोगी सिद्ध होगा। कचरे से बिजली पैदा करने के क्षेत्र में कार्य करने वाली मुंबई की रोकैम नामक कंपनी से संपर्क भी किया गया है।
कंपनी के महाप्रबंधक सुमित अरोड़ा ने कंपनी द्वारा इस प्रकार के प्लांट पुणे, मुंबई, अहमदाबाद और सूरत में स्थापित किए जा चुके हैं। बकरियांवाली कचरा प्रबंधन प्लांट में कंपनी को 90 एमटी प्रतिदिन वेस्ट मिलता है तो वे प्रतिघंटा 1.4 मेगावाट बिजली पैदा करेंगे। उन्होंने बताया कि इस मामले में उनकी हरियाणा सरकार से बातचीत चल रही है। यदि इस योजना की स्वीकृति मिलती है तो कंपनी सिरसा में भी प्लांट स्थापित कर सकती है।