हरियाणा के कैथल जिलावासियों को किसी भी विवाद में न्याय के लिए अंबाला जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अंबाला मंडल के मामलों को अब कैथल जिला न्यायालय में ही निपटाया जाएगा।
लोगों को उनके घरद्वार पर ही न्याय उपलब्ध करवाने के लिए अंबाला मंडल की आयुक्त प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शुक्रवार को जिला कलक्टर की कोर्ट में अपीलों की सुनवाई करेंगी।
यह जानकारी अंबाला मंडल आयुक्त नीलम पी कासनी ने डीसी कार्यालय में अधिकारियों से बातचीत करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि अब अंबाला मंडल कोर्ट के मामलों को कैथल की कलक्टर कोर्ट में सुना जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दृष्टि से अंबाला मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी पांचों जिलों कैथल, अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, कुरुक्षेत्र के मामले उन्हीं जिलों में जाकर निपटाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से प्रशासन में चुस्ती आने के साथ-साथ फैसले लेने की क्षमता और गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न के मामलों को रोकने के लिए कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज सबसे पहला काम सुरक्षा का माहौल पैदा करके महिलाओं के मन में सुरक्षा की भावना पैदा करनी होगी। मंडल आयुक्त ने कहा कि हरियाणा सरकार ने जो भी नीतियां और कार्यक्रम लागू किए हैं, उन नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से प्रयास करना जरूरी है।
विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करके उनका लाभ आम आदमी तक पहुंचना आवश्यक है।
डीसी एनके सोलंकी ने आयुक्त का स्वागत करते हुए बताया कि इस जिला में जन कल्याण की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रशासनिक स्तर पर सभी अधिकारी प्रयास कर रहे हैं।
इस अवसर पर एसपी कुलदीप सिंह यादव, एसडीएम नर हरि सिंह बांगड़, जिला राजस्व अधिकारी राजबीर धीमान, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश खौथ मौजूद रहे।