जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल गैंगरेप प्रकरण में अब तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपने स्तर पर इसकी जांच की है। यह कहना है राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमार मंगलम का। शनिवार को आईटीबीपी भानू, रामगढ़ में पत्रकार वार्ता के दौरान मंगलम ने यह बात कही।
उन्होंने बताया कि मुरथल गैंगरेप मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने नई दिल्ली स्थित कार्यालय में ट्रक ड्राइवर को बुलाया था। उसने बताया कि वह दस बजे से साढ़े चार बजे तक वहीं था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं देखा।
जब ड्राइवर से कहा गया कि उसके ऊपर कोई दबाव तो नहीं तो इस पर उसने कहा कि उसे डरने की जरूरत नहीं। जो स्थिति थी, वही बताई है। उन्होंने कहा कि गैंगरेप मामले में आयोग की कुछ सदस्य तीन बार स्थानीय पंचायत और वहां के ढाबों के अलावा आसपास के लोगों से भी मुलाकात कर चुकी हैं लेकिन कोई सबूत नहीं मिल पाया।