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Weather: हरियाणा में मानसून विदाई 22 सितंबर के आसपास, कुछ इलाकों में 17 से 19 सितंबर के बीच बारिश की संभावना

Sun, 14 Sep 2025 09:17 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा

सार

हरियाणा में इस बार मानसून की बारिश सामान्य से ज्यादा हुई है। राज्य में अब तक 564.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है जो सामान्य से 42 फीसदी अधिक है। मानसून सीजन में हुई बारिश ने इस बार 27 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
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झमाझम बारिश के बाद जलभराव - फोटो : अमर उजाला/ संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा में अब मानसून की विदाई का समय नजदीक आ गया है। 22 सितंबर के आसपास हरियाणा से मानसून की रवानगी हो जाएगी। इससे पहले राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना कि मानसून की रवानगी के बाद भी बारिश हुई तो इस बार सर्दी की दस्तक समय से पहले हो सकती है।

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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 16 से 17 सितंबर के बीच पहाड़ों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक निम्न हवा का दबाव क्षेत्र भी बनेगा। इनके प्रभाव से 17 से 19 सितंबर के बीच हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। उसके बाद मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। इसकी शुरुआत राजस्थान से होगी है। राजस्थान से मानसून की रवानगी 17 सितंबर के आसपास होने वाली है। पिछले साल हरियाणा में मानसून की विदाई दो अक्तूबर को हुई थी।

सामान्य से अधिक हुई मानसून की बारिश
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में इस बार मानसून की बारिश सामान्य से ज्यादा हुई है। राज्य में अब तक 564.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है जो सामान्य से 42 फीसदी अधिक है। मानसून सीजन में हुई बारिश ने इस बार 27 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि 17 से 19 सितंबर के बीच बारिश के आसार दिख रहे हैं।
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उसके बाद मानसून हरियाणा से चला जाएगा। उन्होंने बताया कि मानसून के चले जाने के बाद मौसमी सिस्टम सक्रिय हो सकते हैं। इनकी वजह से बारिश हुई तो सर्दी की दस्तक जल्द हो सकती है। वहीं, हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के डाॅ. मदन खीचड़ ने बताया कि 22 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई होगी।

अब बारिश हुई तो धान की फसल को 10 से 15 फीसदी हो सकता है नुकसान
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. वीरेंद्र सिंह लाठर ने बताया कि जलभराव से धान की अगेती फसल को पहले से ही 15-20 फीसदी नुकसान हो चुका है। यदि अब बारिश हुई तो जो फसल पक गई है उसे भी 10-15 फीसदी नुकसान होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना है।

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