मृतक ने आत्महत्या करने से पहले दो पेज का एक सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें उसने अपने साले की पत्नी रूबी और देवा निवासी विरेंद्र को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। शहर थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी निरमा के बयान पर रूबी और देवा गांव के विरेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
ब्लैकमेल कर रही थी
पुलिस को दिए बयान में न्यू ऋषि नगर की रहने वाली निरमा ने बताया कि पति अजय उर्फ सन्नी मूलरूप से मध्यप्रदेश के जिला भिंड के गांव गोहद चौराह का रहने वाला था। वह काफी समय से यहां पर किराये के मकान पर रहता था। वह ऑटो मार्केट में गोलगप्पे की रेहड़ी लगाता था। पति के भाभी रूबी के साथ अवैध संबंध थे। वह पति को बार-बार फोन कर अपने पास बुलाती थी। न जाने पर उसे ब्लैकमेल करती थी।
झूठे केस में फंसाने की धमकी देती थी
महिला का आरोप है कि वह पति से रुपये भी मांगती थी और न देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी देती थी। कुछ दिनों से देवा गांव का रहने वाला विरेंद्र का रूबी के घर आना-जाना था। दोनों अजय को ब्लैकमेल कर रुपये ले रहे थे।
घर के सामने ही पी लिया जहर
महिला के मुताबिक शुक्रवार रात को पति ने बताया कि दोनों से परेशान होकर ऋषि नगर में रूबी के घर के सामने जहर पी लिया। पुलिस उसे नागरिक अस्पताल लेकर आई बाद में निजी अस्पताल में ले गए। सुबह उपचार के दौरान पति की मौत हो गई।
ये लिखा सुसाइड नोट में
अजय ने आत्महत्या करने से पहले दो पेज का सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें उसने लिखा है कि रूबी कोर्ट और थाने की धमकी देती। हर बार रूबी की सुनवाई होती थी मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई।
दो से तीन घंटे करती थी बात
सुसाइड नोट में उसने आगे लिखा कि रूबी विरेंद्र के साथ दो से तीन घंटे बात करती थी। दोनों मुझे परेशान करते थे। इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। रूबी अपने पति को पीटती थी। जिस कारण वह घर छोड़कर चला गया, आठ दिन हो गए। सबको राम राम।
दो पर किया केस दर्ज
मृतका की पत्नी निरमा के बयान पर रूबी और विरेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। -एएसआई मनमोहन, बस स्टैंड पुलिस चौकी इंचार्ज