गांव माजरा खुर्द से पिछले सात दिनों से लापता युवक का शव रविवार की रात को पुलिस ने भूमिका कॉलेज के पीछे गांव सीगड़ा के खेत से बरामद किया। पुलिस ने इस मामले के आरोपी दो युवकों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया था। जिन्होंने युवक गला दबाकर हत्याकर उसे खेतों में फेंक दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम नारनौल से करवा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को एसडीजेएम हिमांशु सिंह की अदालत में पेश किया जहां पर न्यायाधीश ने उनको दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।
जानकारी के अनुसार गांव माजरा खुर्द निवासी राजेश कुमार ने 7 जनवरी को शिकायत दी थी कि उसका 20 वर्षीय पुत्र प्रीतम घर से लापता हो गया है। शिकायत में लिखा था कि प्रीतम को सात जनवरी को मनीष, पिंकेश निवासी माजरा खुर्द व सुनील निवासी महेंद्रगढ़ घर से लेकर गए थे। जिसके बाद से उसका पुत्र नहीं आया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपित मनीष एवं पिंकेश को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की। आरोपी मनीष एवं पिंकेश मौसेरे भाई हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले गांव के खंडहर में शराब पी थी। उसके बाद बाइक पर बैठाकर टैगोर सकूल के पीछे दोहान नदी के पास ले गए थे जहां पर उसको लात घूंसे मारे और बाद में गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को उन्होंने भूमिका कॉलेज के पीछे खतों मे डाल दिया। पूछताछ के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्होंने वहां शव बरामद किया। शव मिलने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया। वहीं मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए उप नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां पर लाश की स्थिति सही नहीं होने के कारण चिकित्सकों ने शव को नारनौल रेफर कर दिया। जहां पर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
पूछताछ में मिला प्रेम प्रसंग का मामला
थाना प्रभारी महाबीर सिंह ने बताया कि यह मामला प्रेम प्रसंग का था। आरोपी मनीष से पूछताछ में बताया कि प्रीतम उसकी पत्नी के पास फोन पर बातचीत करता था। 7 जनवरी की रात को जब वो शराब पी रहे थे तभी उसके (मनीष) के पास ही उसकी पत्नी का फोन आया था तब प्रीतम ने मनीष से फोन लेकर उसकी पत्नी से कई देर बात भी की और अपनी बहन की शादी में आने का न्योता भी दिया। मनीष ने जब दोनों को बात करते देखा तो उसका शक यकीन में बदल गया। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
बता दें कि प्रीतम का चाचा और उसके पिता एक ही मकान में अलग-अलग रहते हैं। 15 जनवरी को उसकी चचेरी दो बहनों की शादी है। प्रीतम का शव मिलने के बाद में परिवार वालों की खुशियां गम में बदल गईं। परिवार में शादी के समय गाए जाने वाले मंगलगीत आसुओं में तबदील हो गए। सोमवार को प्रीतम का दाह संस्कार किया। सोमवार को ही के दिन उसकी बहनों का गांव बाठोठा की ढाणी में लगन गया। लगन के रूप में केवल औपचारिता पूरी की गई।
पिता बच्चों के लिए बना रहा है मकान:
मृतक का पिता राजेश कुमार जमीदार का कार्य करता है। उसके दो बेटे हैं। बड़े लड़के का नाम विकास है तथा छोटा प्रीतम था। प्रीतम 12वीं पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी वह घर पर ही पिता के काम में हाथ बटाता था। पिता राजेश दोनों बच्चों के लिए दूसरी जगह नया मकान बना रहा है। नीचे की मंजिल का कार्य पूरा हो चुका है। दूसरी मंजिल का कार्य चल रहा है।