खुशियों और रोशनी का पांच दिवसीय पर्व दीपोत्सव शुक्रवार को धन त्रयोदशी (धनतेरस) के साथ शुरू हो गया। भाई दूज तक चलने वाले इस त्योहार को लेकर बाजारों रौनक है। चुनावी मौसम खत्म होते ही शुक्रवार को धनतेरस पर शुक्रवार को खरीदारी के लिए लोग बाजारों में उमड़ पड़े। धनतेरस पर लगभग 15 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। पुष्य नक्षत्र के बाद आज धनतेरस पर सभी खाली बाजार भर गए। देर रात तक बाजारों में ग्राहक खरीदारी करते दिखे।
हिंदू धर्म का सबसे बड़ा पर्व दीपोत्सव शुक्रवार को धनतेरस के साथ प्रारंभ हो गया। धनतेरस के दिन बुध पुष्य नक्षत्र पर हुई रिकॉर्ड बिक्री के बाद शुक्रवार को धनतेरस पर भी अच्छी बिक्री हुई। शहरवासियों ने धनतेरस पर शुभ मुहूर्त के अनुसार खरीदारी की। धनतेरस को देखते हुए सुबह से ही शहर के बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढनी शुरू हो गई थी। ज्वेलरी, ऑटो मोबाइल, इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रोनिक्स आइटम, बर्तन, गारमेंट की दुकानों पर सर्वाधिक भीड़ पड़ी। धनतेरस पर सवेरे से ही बाजारों में मुहूर्त के हिसाब से धन बरसना शुरू हो गया।
ऑटो मोबाइल सेक्टर 20 प्रतिशत कारोबार बढ़ा
इस बार ऑटो मोबाइल क्षेत्र में 7.85 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। वाहन शोरूमों से लोगों ने 470 दोपहिया तथा 65 चौपहिया वाहनों की खरीददारी की है। शहर में हीरो, बजाज, यामहा, होंडा, मारुति सुजुकी आदि के कंपनी की गाड़ियां सबसे अधिक बिकी। शोरूम के मैनेजर्स ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई हैं।
सोना-चांदी पहली पसंद...
धनतेरस पर लोगों ने सोना व चांदी की सबसे अधिक खरीद की। चांदी के सिक्के की डिमांड सबसे ज्यादा रही। मान्यता है कि चांदी के सिक्के की खरीद के बाद घर में लक्ष्मीजी का प्रवेश होता है। सिक्कों पर लक्ष्मी, गणेशजी व सरस्वती माता के चित्र अंकित होते है। नवीन वस्तुओं के क्रय के साथ ही शुभ मुहूर्त में जमीन-जायदाद की खरीद, गृह प्रवेश, नव व्यवसाय आदि किया गया। सर्राफा बाजार व्यापार एसोसिएशन के अनुसार करीब 5 करोड़ रुपये का सोना-चांदी बिका। कई लोग मुहूर्त के कारण सामान खरीदने के लिए इंतजार करते भी दिखे। सबसे अधिक भीड़ वाहन, ज्वेलरी व इलेक्ट्रिक-इलेक्ट्रोनिक्स शोरूम सहित बर्तनों की दुकान पर थी। धनतेरस पर बर्तनों की खरीद भी शुुभ मानी गई है। करीब दो करोड़ का इलैक्ट्रिक व इलेक्ट्रोनिक सामान बिका। करीब एक करोड़ रुपये का कपड़े व अन्य सामान का कारोबार हुआ।
व्यापार मंडल के प्रधान सुरेंद्र बंटी ने बताया कि धनतेरस पर शहर के व्यापार जगत ने लगभग 15 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया। इससे पूर्व पुष्य नक्षत्र पर बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई थी। पुष्य नक्षत्र को मिनी धनतेरस के नाम से जाना जाता है और आज मुख्य धनतेरस पर पुष्य नक्षत्र पर अच्छा व्यवसाय हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में कारोबार में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है।