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Mahendragarh-Narnaul News: युवतियां पोषण का ख्याल रखें, नहीं तो भविष्य में रहेंगी परेशान

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फोटो संख्या:52- राजकीय महिला औद्योगिक प्र​शिक्षण संस्थान में  आयोजित अपराजिता कार्यक्रम के दौरा
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महेंद्रगढ़। युवतियों व महिलाओं को खाने में पोषण का विशेष ध्यान रखना चाहिए, नहीं तो भविष्य में उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ये बात मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शहर स्थित राजकीय महिला आईटीआई में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं ने कही।
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कार्यक्रम में संस्थान की 60 छात्राएं शामिल हुईं। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय से न्यूट्रीशन एंड बायोलॉजी डिपार्टमेंट हेड डॉ. अनीता कुमारी, कृषि विज्ञान केंद्र से जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. पूनम यादव और फैमिली कोर्ट नारनौल से जनरल काउंसलर पिंकी यादव ने शिरकत की।
सभी ने पोषण की कमी से युवतियों को दैनिक जीवन और गृहस्थ जीवन में आने वाली समस्याओं से रूबरू कराया और इसके निदान के उपाय बताए। इस दौरान आईटीआई इंचार्ज हर्षवर्धन व महिला अनुदेशक सुमित्रा कुमारी भी मौजूद रहे।
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पीरियड में डाइट का रखें विशेष ध्यान
पीरियड महिलाओं व युवतियों की सबसे बड़ी समस्या है। इसके चलते महिलाओं को काफी संख्या रक्त का नुकसान उठाना पड़ता है। रक्त की कमी से महिलाओं में बड़ी समस्या एनीमिया की रहती है। इस अवधि में युवतियों व महिलाओं को डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए। रक्त की कमी से उनका काम में मन नहीं लगता, थकान, कमजोरी, एकाग्रता की कमी व चिड़चिड़ा स्वभाव होता है। इसलिए हमेशा अपनी डाइट में पालक, बथुआ, मशरूम व हरी सब्जियां व फल और मोटे अनाज का प्रयोग करना चाहिए। -डॉ. अनीता कुमारी, प्रभारी, न्यूट्रीशन एंड बायोलॉजी डिपार्टमेंट, हकेंवि

मोटे अनाज व अंकुरित अनाज का करें प्रयोग
अक्सर लड़कियां सुबह बिना खाए पढ़ने के लिए चली जाती हैं और कुछ नौकरी पर भी जाती हैं। वहीं सुबह का खाया खाना ही सबसे अधिक शरीर को लगता है। इससे शरीर में मोटापा नहीं आता और शरीर को पोषण भी मिलता है। खाने में मोटा और अंकुरित अनाज अधिक रखें। इसका प्रकार सीजन के अनुसार बदलते रहते हैं। सर्दी में बाजरे की रोटी, गर्मी में बाजरे का चिल्ला व राबड़ी, ज्वार की रोटी, बेसन के चिल्ले, कढ़ी, दाल, अंकुरित चने, मूंग, बाजरा आदि खाना चाहिए। उचित प्रकार से पोषक तत्व न मिलने से वर्तमान में लड़कियों का दूबला शरीर, कम हाइट, गर्भावस्था के दौरान दिक्कत आदि परेशानी हो रही हैं। -डॉ. पूनम यादव, जिला विस्तार विशेषज्ञ, केवीके

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पोषण की कमी से प्रभावित हो रहा गृहस्थ जीवन
पोषण की कमी के कारण युवतियों को केवल शारीरिक परेशानी ही नहीं बल्कि पारिवारिक परेशानी भी झेलनी पड़ती है। पोषण की कमी से महिलाओं में बच्चे न होना, काफी समय गर्भपात होने जैसी समस्याएं महिलाओं को गृहस्थ जीवन में झेलनी पड़ रही हैं। यहीं नहीं इन समस्याओं से परेशान होकर कुछ फैमिली केस भी कोर्ट में आ चुके हैं और बात तलाक तक पहुंच चुकी हैं। -पिंकी यादव, जनरल काउंसलर, फैमिली कोर्ट

फोटो संख्या:52- राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में  आयोजित अपराजिता कार्यक्रम के दौरा

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