नारनौल। स्टेडियम में अभ्यास करते हुए खिलाड़ियों को देखकर तीर कमान संभालने वाले यशु ने मेहनत व लग्न से सपनों को साकार किया है। तीरंदाज इस समय सीआईएसएफ में हेड कांस्टेबल के पद पर नियुक्त है। हाल ही में गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम में उनकी खेल उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री ने 7 लाख रुपये का पुरस्कार दिया है।
मोहल्ला पुरानी मंडी में मनीषा देवी व सुरेंद्र कुमार के घर 28 जून 2007 को यशु का जन्म हुआ। यशु की माता गृहिणी है व पिता ड्राइवर का कार्य करते हैं। यशु के बचपन में परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और यशु पढ़-लिख कर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते थे।
वर्ष 2022 में अन्य खिलाड़ियों को तीरंदाजी का अभ्यास करते हुए देखकर यशु के मन में भी तीर-कमान का खेल खेलने की इच्छा हुई है। इसके बाद कोच विनय कुमार के मार्ग दर्शन में यशु ने तीरंदाजी का अभ्यास शुरू किया और दो साल के दौरान विभिन्न राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अनेक पदक जीते। नवंबर 2024 से सितंबर 2025 तक का समय यशु के लिए सौगातों से भरा रहा।
नवंबर 2024 में स्कूल नेशनल में स्वर्ण, जनवरी 2025 में नेशनल गेम्स में स्वर्ण और फरवरी 2025 में जूनियर नेशनल गेम्स में कांस्य पदक जीते। जुलाई 2025 में आयोजित सीआईएसएफ ट्रायल में यशु ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और सितंबर 2025 में खेल कोटे के तहत हेड कांस्टेबल के पद पर सीआईएसएफ में नियुक्ति पाई।
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यशु ने 4 साल में जो कुछ अर्जित किया, वह दूसरे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। यशु ने साबित किया कि एकाग्रता, अनुशासन और नियमित अभ्यास से खेल के उच्चतम स्तर को प्राप्त किया जा सकता है। -विनय कुमार, तीरंदाजी कोच, नारनौल।
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बचपन से ही सेना में शामिल होकर देश सेवा करना चाहता था। तीरंदाजी के खेल ने में सपने को पूरा किया। मुख्यमंत्री द्वारा मिले सम्मान से गर्व का अहसास होता है। आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए नियमित रूप से अभ्यास कर रहा हूं। -यशु, तीरंदाज