फोटो नंबर-01टीबी अस्पताल के एक बंद कमरे में रखी एक्स-रे मशीन। संवाद
नारनौल। जिले के टीबी अस्पताल में करीब 8 महीनों से एक्स-रे मशीन को एक ताला बंद कमरे में रखा दिया गया है, जबकि यहां पर एक्स-रे के लिए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को एक्स रे के लिए नागरिक अस्पताल जाना पड़ रहा है। वहां घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री आरती राव का गृह जिला होने के बावजूद भी यहां की चिकित्सा व्यवस्था का यह हाल है। मार्च 2022 में केंद्र सरकार की ओर से मरीजों की सुविधा के लिए टीबी अस्पताल के लिए एक्स-रे मशीन भेजी गई थी। उस दौरान केंद्र ने पूरे देश में कुल 400 एक्स-रे मशीन अलग अलग सेंटर पर भेजी गई थी। इस एक्स-रे मशीन की कीमत करीब 10 लाख रुपये है, जो 8 माह से फिलहाल एक बंद कमरे की शोभा बढ़ा रही है।
टीबी अस्पताल में प्रतिदिन टीबी और कुष्ठ रोग के 20 से 22 मरीजों की ओपीडी रहती है। इनमें से 10 से 15 पीड़ितों काे एक्स-रे भी कराया जाता है। ऐसे में रेडियाेग्राफर की कमी के चलते मरीजों को नागरिक अस्पताल में भेजा जाता है।
इंसेट
रेडियोग्राफर की कमी के चलते हैं बंद
उप सिविल सर्जन टीबी डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि जिले में रेडियोग्राफर की कमी के चलते मशीन बंद है। कभी कभार रेडियोग्राफर की नियुक्ति के दौरान एक्स-रे हुआ भी है। हालांकि उन्होंने इस बारे में डीसी को भी अवगत करा दिया है।
वर्जन
100 दिन के टीबी मुक्त अभियान के दौरान कुछ रेडियोग्राफर की ड्यूटी मोबाइल वैन में लगी हुई है। इसके कारण भी समस्या हो रही है। अब मामला संज्ञान में आते ही रेडियोग्राफर की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही टीबी अस्पताल में रेडियोग्राफर की नियुक्त के बाद मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। -धर्मेंद्र सांगवान, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल