महिला पुलिस थाना में शनिवार को गांव नीरपुर की एक लड़की और उनके ससुराल पक्ष के बीच सुलह करवाने को लेकर हुई पंचायत में नीरपुर के पूर्व पार्षद राजकुमार को महिला पुलिस थाना कर्मचारी ने थप्पड़ जड़ दिया। इसके विरोध में नीरपुर के ग्रामीणों ने महिला थाने में एक घंटे जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए महिला थाने में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। देखते ही देखते महिला थाना पुलिस छावनी में तबदील हो गया।
गांव नीरपुर की एक विवाहिता लड़की के साथ उसके ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा मारपीट करने के चलते लड़की पक्ष के लोग महिला थाने में शिकायत दी थी। इस पर कार्रवाई करते हुए महिला पुलिस ने लड़की और लड़के पक्ष के लोगों के बीच सुलह करवाने के लिए शनिवार को महिला थाने में बुलाया गया था। लड़की का पिता पूर्व पार्षद राजकुमार और अन्य लोगों को लेकर महिला थाने पहुंचा। इसके बाद थाने में दोनों पक्षों में आपसी सुलह के लिए पंचायत की गई। इस पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर गहमागहमी हो गई और लड़की के पिता ने लड़की के पति को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद लड़के पक्ष कुछ लोगों ने लड़की पिता के साथ मार-पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान पूर्व पार्षद राजकुमार ने दोनों पक्षों का बीच-बचाव किया तो एक महिला पुलिसकर्मी ने पूर्व पार्षद राजकुमार को थप्पड़ जड़ दिया और लड़की के पिता और पूर्व पार्षद राजकुमार को थाने के अंदर बैठा लिए और उनके फोन भी छीन लिए गए।
जाम लगाने का भी हुआ प्रयास
सूचना पाकर लड़की पक्ष के अन्य लोग थाने के अंदर पहुंचे तो वहां मौजूद डीएसपी तान्या सिंह ने उन्हें वहां से बाहर जाने की बात की। इसके बाद मौके पर पहुंचे जिला मुख्यालय स्थित डीएसपी राजेश कुमार ने लड़की के पिता और पूर्व पार्षद राजकुमार बाहर निकाला। इस घटना जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को लगी सैकड़ों ग्रामीण तुरंत नीरपुर स्टैंड पर पहुंचे और महिला पुलिस कर्मचारी की इस कार्रवाई के विरोध में जाम लगाने लगे। इसी दौरान डीएसपी राजेश कुमार ने फोन कर उक्त मामले का थाने में आकर सुलझाने की बात कही। नीरपुर स्टैंड पर ग्रामीणों द्वारा जाम लगाने की सूचना मिलते ही पुलिस की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई, लेकिन ग्रामीणों द्वारा जाम नहीं लगाने के चलते पुलिस की गाड़ियां वापस लौट गई। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीण महिला और पुरुष महिला थाने में पहुंचे। ग्रामीणों की संख्या और गुस्सा देखकर महिला पुलिस थाना पुलिस छावनी में तबदील हो गया।
महिला पुलिस कर्मचारी द्वारा माफी मांगने की मांग पर अड़े ग्रामीण
इस घटना के बाद महिला थाने पहुंचे ग्रामीणों के गुस्से और मांग को लेकर जिला मुख्यालय स्थित उप पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार व डीएसपी तान्या सिंह ने लोगों की पूरी बात सुनी और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। कुछ समय बाद पुलिस अधीक्षक महेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों से इस मामले की पूरी जानकारी ली। डीएसपी महेश कुमार के पहुंचने के कुछ समय बाद ही जिला मुख्यालय स्थित उप पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार वहां से निकल गए। इसके बाद डीएसपी महेश कुमार ने ग्रामीणों को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण महिला कर्मचारी द्वारा सबके सामने माफी मांगने तथा उसे लाइन हाजिर करने की बात कही। इस पर पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगे मान ली है वे वापस लौट जाए, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और महिला कर्मचारी को बाहर बुलाकर सबके सामने पूर्व पार्षद से माफी मांगने की बात पर अड़ गए।
महिला कर्मचारी ने बंद कमरे में मांगी माफी
ग्रामीणों के विरोध और मांग के आगे पुलिस ने समर्पण करते हुए महिला पुलिस कर्मचारी द्वारा माफी मांगने की बात स्वीकार की। इसके बाद उप पुलिस अधीक्षक महेश कुमार ने पूर्व पार्षद राजकुमार व एक दो अन्य लोगों को एक बंद कमरे में बुलाया गया। जहां पर महिला पुलिसकर्मी ने उप पुलिस अधीक्षक महेश कुमार के सामने पूर्व पार्षद राजकुमार से माफी मांगी। इसके बाद पूर्व पार्षद राजकुमार कमरे से बाहर निकले और उन्होंने ग्रामीणों को महिला पुलिसकर्मी द्वारा माफी मांगने की बात कही। पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट पूर्व पार्षद राजकुमार ग्रामीणों को वापस घर जाने की बात कही। तब जाकर ग्रामीण महिला थाने से वापस लौटे।
पुलिस छावनी में तबदील हुआ महिला थाना
महिला थाना पुलिस कर्मी द्वारा पूर्व पार्षद को थप्पड़ मारने की घटना के विरोध में गुस्साएं सैकड़ों ग्रामीण जैसे महिला पुलिस थाने पहुंचे पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई। सूचना पाकर महिला पुलिस थाने में जिला मुख्यालय स्थित उप पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, डीएसपी तान्या सिंह तथा डीएसपी महेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते महिला पुलिस थाना पुलिस छावनी में तबदील हो गया। ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव व अनहोनी की स्थिति को देखते हुए पुलिस के जवान पूरे लाव लश्कर के साथ थाने में तैनात हो गए।
मामले की तफ्तीश के बाद ही हो पाएगी कार्रवाई
उप पुलिस अधीक्षक महेश कुमार ने बताया कि पूरे मामले की तफ्तीश की जाएगी। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जा सकता है कि महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी या नहीं।