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जिले में महिला समेत दो कोरोना संक्रमित

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कोरोना पीड़ित के घर पहुंचे डॉक्टर व पुलिसकर्मी। - फोटो : Narnol
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जिले में रविवार को दो कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसमें एक गर्भवती महिला मरीज दिल्ली से और दूसरा युवक ग्रुरुग्राम से आया था। दोनों को शाम को कोविड-19 केयर सेंटर पटीकरा में भर्ती कराया गया है। अब जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या 41 पहुंच गई है। इसमें 19 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। अभी 22 मामले एक्टिव हैं।
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नांगल चौधरी सीएचसी के एसएमओ डॉ. अरुण कालरा ने बताया कि 22 मई को चार लोग दिल्ली से आए नारनौल थे। इसके बाद उन्हें होम क्वारंटीन रखा गया था। 28 मई को सभी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। इसमें एक चार माह की गर्भवती महिला कोरोना पॉजिटिव आई है। नांगल चौधरी के कोरोना मरीज के घर के आसपास कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। महिला के संपर्क में आए लोगों की जानकारी ले ली गई है। कालरा ने बताया कि करीब आठ लोगों का कोविड-19 का सैंपल लिया जाएगा। क्षेत्र में कोरोना मरीजों के लिए रैंडम सैंपल लिए जा रहे हैं। इसमें सब्जी मंडी, पुलिस और बाहर से आने वाले समेत अन्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि महिला का पति दिल्ली में काम करता था। अन्य लोगों के साथ 22 मई को दिल्ली से नारनौल के बाद घर नांगल चौधरी आए थे।
वहीं दूसरी ओर अटेली खंड के नांगल गांव में कोरोना संक्रमित युवक मिला है। युवक की रिपोर्ट रविवार को आई है, इसका सैंपल गुरुग्राम से आने के बाद ट्रेवलिंग हिस्ट्री होने से 28 मई को सैंपल लिया गया था। गांव नांगल में संक्रमित व्यक्ति की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। गांव को कंटेनमेंट जोन बना कर नाका व बेरिकेड्स लगा कर गली में आवाजाही बंद कर दी। संक्रमित को एंबुलेंस से पटीकरा स्थित कोविड-19 केयर सेंटर में उपचार के लिए भेज दिया है। शनिवार को सीएचसी के गांव गणियार में भी दिल्ली पुलिस के सिपाही रेवाड़ी के अस्पताल में संक्रमित आने पर झज्जर में भर्ती करा दिया गया है। गांव नांगल में संक्रमित की सूचना पर प्रशासन की ओर से एसडीएम मनीष फौगाट, डॉ. विजय यादव, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. हिमांशु, बीडीपीओ ओमप्रकाश, एमटी सतेंद्र चौहान, सुरेश कुमार सहित अनेक स्वास्थ्य कर्मी मौके पर पहुंच कर अग्रिम कार्रवाई की। डॉ. विजय यादव ने बताया कि युवक गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में काम करता है। गुरुग्राम से 26-27 मई को आने की सूचना पर 28 को सैंपल लिया गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उपचार के लिए पटीकरा भेजा गया है। 16 मई को अटेली कस्बे के वार्ड नौ में पहला केस गुरुग्राम से आया था।
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बस के यात्रियों की जानकारी लेने में जुटा विभाग
जानकारी के अनुसार महिला व अन्य दिल्ली से रोडवेज की बस से आए थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज के जीएम से बस में उस दिन यात्रा करने वाले यात्रियों की जानकारी मांगी है। जिससे सभी के बारे में जानकारी लेकर उन्हें होम क्वारंटीन किया जा सके। बताया जा रहा है कि बस में 18 यात्री आए थे। हालांकि बस में सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखकर बैठाया गया था। यात्रियों की जानकारी मिलने पर उनका भी सैंपल लिया जा सकता है। इसके साथ ही युवक के संपर्क में आए लोगों की जानकारी ली जा रही है।
पॉजिटिव की कुल संख्या 41 में से 19 मरीज ठीक होकर घर जा चुके
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिले में वीरवार को कोरोना के दो नए पॉजिटिव केस आए हैं। अब जिला में कोरोना पॉजिटिव की कुल संख्या 41 हो गई है। इनमें से 19 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। जिला में कोरोना के 22 केस अभी भी एक्टिव है। सिविल सर्जन ने बताया कि तीन मोबाइल टीमों ने 181 लोगों की स्क्रीनिंग की है। इनमें से 83 मरीजों में सामान्य बीमारी है। जिले में 31 मई तक 60954 नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें से 35771 मरीजों में सामान्य बीमारी पाई गई है। कोविड-19 के लिए अब तक जिले से 3460 सैंपल भेजे हैं। इनमें 392 सैंपल की रिपोर्ट आनी है।
जिले में अब 27 कंटेनमेंट जोन हुए
नांगल और नांगल चौधरी में दो केस आने के बाद अब जिले में कंटेनमेंट जोन 27 हो गए हैं। इससे पह ले जिला केबजगांव श्बायल बारडा व इसराना में तीन नए केस आने के बाद अब 25 कंटेनमेंट जोन हो गए थे। इससे पहले जिले में 23 कंटेंटमेंट जोन थे। इन सभी क्षेत्रों में बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस तैनात कर दी गई है। कंटेनमेंट जोन में आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी। कंटेनमेंट जोन के बाहर का कुछ एरिया बफर जोन घोषित किया गया है। बैरिकेडिंग आदि लगाई गई हैं।
बतरी गई लापरवाही
सूत्रों के अनुसार महिला व अन्य दिल्ली से आने के बाद नागरिक अस्पताल नारनौल गए थे। जहां से उन्हें होम क्वारंटीन के लिए भेज दिया गया। जब नांगल चौधरी के सीएचसी को जानकारी मिली तो सैंपल लिया गया। यदि नारनौल अस्पताल में भी इनमें से एक का सैंपल ले लिया गया होता तो मामले पहले ही प्रकाश में आ जाता। 22 मई को आए हुए लोगों का सैंपल 28 मई को लिया गया। ऐसे में कोरोना कॉल में जिला मुख्यालय के अस्पताल के डॉक्टरों ने लापरवाही बरती गई।
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