फोटो नंबर-19बाजार में लगी एक रहेड़ी पर शकरकंदी खाते लोग। संवाद
नारनौल। सर्दी में शहर के बाजारों में शकरकंदी की मांग जोर पकड़ रही है। जगह-जगह लगी शकरकंदी की रेहड़ियों पर लोगों की भीड़ दिख रही है। बाजारों में अंगीठियों पर धीमी आंच में भुनी शकरकंदी को नींबू और मसाला डालकर प्लेटों में परोसा जा रहा है जिसका स्वाद लोग खूब पसंद कर रहे हैं। रेहड़ी संचालकों राजू व अशोक के अनुसार इन दिनों शकरकंदी की बिक्री काफी बढ़ गई है।
भुनी हुई शकरकंदी 50 रुपये और 100 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से बेची जा रही है। वहीं सब्जी की दुकानों पर कच्ची शकरकंदी 50 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है।
दुकानदारों का कहना है कि लोग घर पर भी इसे उबालकर या सब्जी के रूप में बनाकर खा रहे हैं, जिससे बिक्री लगातार बढ़ रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोग इसके स्वाद और लाभों के कारण इसे खरीद रहे हैं।
शकरकंदी को स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार इसमें बीटा-कैरोटीन, विटामिन सी, विटामिन बी6, पोटैशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, त्वचा को स्वस्थ रखने और वजन नियंत्रण में सहायता करते हैं।
इसके अतिरिक्त इसमें मौजूद सूजन-रोधी गुण शरीर में सूजन कम करने और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं जिससे डायबिटीज के मरीजों को भी लाभ मिल सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि शकरकंदी आंखों के लिए भी लाभदायक है क्योंकि इसमें पाया जाने वाला बीटा-कैरोटीन शरीर में विटामिन ए प्रदान करता है जो दृष्टि सुधारने और नेत्र रोगों से बचाव में मदद करता है।
वहीं इसमें मौजूद उच्च फाइबर सामग्री पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और कब्ज से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बढ़ती ठंड के साथ बाजारों में शकरकंदी का यह स्वाद आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है।