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शराब ठेके नहीं खोलने का 56 ग्राम पंचायतों ने दिया प्रस्ताव

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जिला आबकारी एवं कराधान विभाग को 56 ग्राम पंचायतों ने शराब के ठेके नहीं खोलने का प्रस्ताव दिया है। इस पर विभाग 15 दिन में फैसला लेगा। पिछले साल 31 गांवों ने आवेदन किया था, जिसमें विभाग ने नौ गांवों में शराब का ठेके नहीं खोलने की स्वीकृत दी थी।
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जानकारी के अनुसार आबकारी अधिनियम के तहत यदि कोई ग्राम पंचायत शराब का ठेका नहीं चाहती हो तो उसे 31 दिसंबर तक आवेदन करना था। इसके बाद विभाग ऐसे आवेदनों की जांच कर मुख्यालय चंडीगढ़ भेजता है। ऐसे आवेदनों पर चंडीगढ़ में सुनवाई के बाद फैसला लिया जाता है। नियमों को पूरा करने वाले गांवों में एक अप्रैल से शराब के ठेके नहीं खुलते हैं। जिले में 56 गांवों की पंचायतों ने प्रस्ताव देकर शराब ठेके बंद कराने का अनुरोध किया है। अब आबकारी विभाग ने इन सभी आवेदनों को मुख्यालय भेजेगा। इसके बाद पंचायतों को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। इसमें गांव के सरपंच को शराब का ठेका बंद करने के कारण बताने होंगे। इसके बाद विभाग जिले स्तर की रिपोर्ट को देखते हुए अंतिम निर्णय लेगा।
कम ही प्रस्ताव होते हैैं स्वीकार
पिछले साल 31 में से नौ गांवों को छोड़कर 22 गांवों के आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए थे। 22 गांवों में शराब के ठेके बंद नहीं हुए थे, क्योंकि उन गांवों अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी। साल 2018 में 36 ग्राम पंचायतों ने ठेके बंद करने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें से 11 प्रस्ताव स्वीकार हुए थे। पहले जिले को 11 जोनों में बांटा गया था, जो अब नौ जोनों में कर दिया गया है। बता दें कि पिछले साल जिले में 92 करोड़ रुपये में शराब के ठेके छोड़े गए थे।
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पंचायतों को मिलते हैं पैसे
शराब की बिक्री से केवल सरकार ही नहीं बल्कि ग्राम पंचायतें भी मालामाल हो रही हैं। अंग्रेजी शराब की प्रत्येक बोतल की बिक्री पर संबंधित ग्राम पंचायत को सात रुपये, देसी शराब की बोतल पर पांच रुपये और बीयर की बोतल पर तीन रुपये आबकारी विभाग की ओर से दिए जाते हैं। यह राशि वित्तवर्ष की समाप्ति पर एकमुश्त पंचायत के खाते में डाली जाती है। इसके माध्यम से ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए बजट मिल जाता है।
इन गांवों ने भेजे हैं प्रस्ताव
ढाणा, किरारोद, ढाढोत, टहला, राजावास, भालखी, भीलवाड़ा, नौताना, ताजीपुर, मुकंदपुरा, झूक, नानगवास, गोद, नांगला, भेडंटी, जाट, शहबाजपुर, अकबरपुर रामू, दौंगली, निभेड़ा, खातीवास, कुंजपुरा, खैरोली, झींगावन, नूनी कलां, खातोदड़ा, दौचाना, सुरेहती, छीतरोली, कुकसी, कौथल कलां, मुडायन, बिहाली, पोता, धनोंदा, बलाहा कलां, छापड़ा सलीमपुर, गहली, सलामपुरा, बौचडीयां, हसनपुर, कारिया, भाडोर नीची, मोहलड़ा, भोड़ी, बास सतनाली, श्यामपुरा, मारोली, दनचोली, बायल, बलाना, डिगरोता, पालडी पनिहार, गडानियां व जादूपर हैं।
वर्जन :::
56 गांवों ने शराब के ठेके बंद करने का प्रस्ताव भेजा है। सभी पंचायतों को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिया जाएगा। चंडीगढ़ में इन सब केस की सुनवाई कमिश्नर करेंगे। उसके बाद कोई फैसला होगा।
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-पुनीत शर्मा, एईटीओ नारनौल।
वर्जन :::
गांव में शराब का ठेके खुलने से लोगों को परेशानी हो रही है। बंद करने का प्रस्ताव आबकारी विभाग को दिया गया है।
-प्रीति देवी, सरपंच, बायल पंचायत।
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