शिक्षा विभाग ने जिले के दो बीईओ और एक बीईईओ को गलत तरीके से डेपुटेशन करने पर सस्पेंड कर दिया है। तीनों अधिकारियों को जिला अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने खंड अटेली बीईईओ मदनलाल भाटिया, बीइओ महेंद्रगढ़ राजेंद्र प्रसाद व बीईओ नांगल चौधरी नंदकिशोर को विभाग ने सस्पेंड किया है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2018-19 में अटेली, महेंद्रगढ़ व नांगल चौधरी के खंड मौलिक शिक्षा व खंड शिक्षा अधिकारी पर नियम के विरुद्ध शिक्षकों का डेपुटेशन करने का आरोप है। इस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक जनवरी से अटेली बीइईओ मदनलाल भाटिया, बीइओ महेंद्रगढ़ राजेंद्र प्रसाद व नांगल चौधरी बीईओ नंद किशोर को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए हैं। डीईओ अजीत सिंह सांगवान ने बताया कि विभागीय आदेश पर तीनों अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इन पर अपने स्तर पर शिक्षकों का डेपुटेशन करने का आरोप है।
-बिना बीईओ बने विभाग ने किया सस्पेंड
विद्यालय शिक्षा निदेशालय द्वारा भेजे गए पत्र में वर्ष 2018-19 में गलत तरीके से डेपुटेशन करने पर बीईओ व बीईईओ को संस्पेंड किया गया है। लेकिन नांगल चौधरी बीईओ नंद किशोर तंवर वर्ष 2018 -19 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नायन में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2018-19 में नांगल चौधरी के बीईओ आनंद स्वरूप मिश्रा थे, जो कि 31 अगस्त 2019 को सेवानिवृत्त हुए थे। इनके सेवानिवृत्त होने के बाद नंद किशोर तंवर को 20 सितंबर 2019 को बीईओ का कार्यभार सौंपा गया था। इस मामले को लेकर बीईओ नंद किशोर ने विभाग को पत्र लिखकर इस बारे में सूचित कर दिया है। पत्र के माध्यम से बीईओ ने सस्पेंड आर्डर रद्द करने की मांग की है।
विभाग ने मुझे गलत सस्पेंड किया है, क्योंकि उस समय मैं बीईओ नहीं बना था। महानिदेशक सेकेंडरी शिक्षा विभाग को इस बारे में पत्र भेजा गया है।
- नंद किशोर, बीईओ नांगल चौधरी।
ऑनलाईन ट्रांसफर के बावजूूद स्थानीय स्तर पर हुए ट्रांसफर
शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादले को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपना रखी है। इसके तहत जिले को जोन वाइज बांटा गया है। एक जोन में एक शिक्षक को पांच साल तक काम करने के बाद उसे दूसरे जोन में ट्रांसफर करने का प्रावधान है। आरोप यह है कि इस तबादले में बहुत से टीचर अपने घर से दूर चले गये। ऐसे में डेपुटेशन के जरिए नजदीक के स्कूल में भेजा गया। हालांकि शिक्षक संगठनों का कहना है कि तबादले के बाद कई स्कूलों में टीचरों की संख्या कम हो गई और पठन-पाठन प्रभावित होने लगा। ऐसे में स्थानीय स्तर पर अधिकारियों ने पठन-पाठन बनाए रखने के लिए डेपुटेशन किया गया। इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई थी। टीचरों की कमी के कारण कई बार अभिभावक स्कूलों में ताला बंद कर विरोध जता चुके हैं।
निदेशालय के आदेश पर तीनों को सस्पेंड कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
- अजीत सांगवान, जिला शिक्षा अधिकारी।