नारनौल। क्षेत्र में गत एक माह से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी बनी हुई है। रविवार को भी प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को 54 अंकों की वृद्धि के साथ्क्यू आई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 204 पहुंच गया। शनिवार को यह आंकड़ा 150 था।
पड़ोसी देश पाकिस्तान, पंजाब, पंजाब से सटे हरियाणा के कुछ जिलों मे पराली जलाने की घटनाओं के कारण और दीपावली के अवसर पर आतिशबाजी के कारण प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गत कुछ दिनों से क्षेत्र में पश्चिम से पूर्व की तरफ हवा चल रही थी। इस कारण दीपावली के अवसर पर क्षेत्र में जमकर आतिशबाजी होने के बावजूद प्रदूषण स्तर 100 से 150 के बीच बना हुआ था।
रविवार से क्षेत्र में हवाओं ने रूख बदला है और हवा पूर्व से पश्चिम की तरफ चल रही है जिस कारण प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। पश्चिम से पूर्व की तरफ हवा चलने वाली हवा जिसे पछुआ पवन भी कहा जाता है से प्रदूषण का स्तर पूर्वी और उत्तरी जिलों में ज्यादा देखने को मिलता है, लेकिन पूर्व से पश्चिम की तरफ चलने वाली हवा जिसे दक्षिण पूर्वी पवन भी कहा जाता है के कारण क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी होती है। संभावना है कि आगामी कुछ दिनों में प्रदूषण स्तर और ज्यादा अधिक बढ़ सकता है।
क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से पछुआ पवन चल रही थी, जिस कारण दीपावली पर जमकर आतिशबाजी होने के बाद भी प्रदूषण स्तर में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली थी। लेकिन रविवार से हवाओं ने रूख बदला है और दक्षिणी पूर्वी हवा के कारण क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। संभावना है कि आगामी कुछ दिनों में प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
डॉ. चंद्रमोहन, नोडल अधिकारी पर्यावरण क्लब, राजकीय महाविद्यालय, नारनौल।