टोकियो ओलंपिक में जिले से खेलने गए एक मात्र खिलाड़ी संदीप पुनिया का वीरवार का मैच है। पति के पदक लेकर आने के लिए पत्नी गीता व्रत रख रही हैं। वो भगवान शंकर की प्रतिदिन पूजा कर रही हैं और सोमवार को व्रत कर रही हैं। इससे पहले उन्होंने कभी भी सोमवार के व्रत नहीं रखे। गीता ने कहा कि वो भगवान से यही प्रार्थना कर रही हैं कि वो देश के लिए पदक लेकर आएं ताकि 12 वर्षों की कड़ी मेहनत सफल हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनका पति मेडल लेकर आते हैं तो 6 अगस्त को शिव रात्रि का व्रत बिना अन्न और जल के रखेंगी। पिता प्रीतम सिंह ने भी बेटे की जीत के लिए गायों की सवामणी बोल रखी है। क्षेत्रवासियों को भी संदीप से पदक की उम्मीद है।
बता दें कि महेंद्रगढ़ के गांव सुरेहती जाखल निवासी संदीप पुनिया दूसरी बार ओलंपिक में गए हैं। इस बार वह 20 किलोमीटर पैदल चाल में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। पिछले चार दिन से मौसम के अनुसार विदेशी धरती पर अभ्यास कर रहे हैं। मेडल पक्का करने के लिए विदेशी खिलाड़ियों के वीडियो भी देख रहे हैं। वीरवार को भारतीय समय अनुसार दोपहर एक बजे उसका मैच हैं। इस मैच में 57 प्रतिभागी भाग लेंगे जिनमें भारत के संदीप पुनिया, राहुल तथा कोलथम ढोठी भाग लेंगे। संदीप ने भारत में 1:20:16 का नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग 42 है। क्षेत्रवासी भी उनकी जीत के काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं। क्षेत्र के वीरवार को होने वाले उनके मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सवाई सिंह राठौड़, संतु शेखावत, बलबीर शेखावत, संदीप मालडा, तथा कुलदीप सरताज ने कहा कि इस बार संदीप मेडल लाकर देश के साथ-साथ जिले का नाम रोशन करेगा।
बुधवार की सुबह गीता ने संदीप से फोन पर बात की। इस दौरान संदीप ने भरोसा दिलाया कि उसने पहले की तुलना में अच्छा अभ्यास किया हैै और इस बार वो देश के लिए अवश्य मेडल लेकर आएंगे। पिता प्रीतम सिंह ने भी अपने बेटे संदीप को जीत का भरोसा दिलाया है। पूरा देश उसके साथ है उसको चिंता नहीं करनी है। केवल वह अपना गेम पर ही फोकस करें और बेस्ट करें, सफलता अवश्य मिलेगी।