नारनौल। हुडा बूस्टिंग स्टेशन में जहां कभी कंटीली झाड़ियां खड़ी थी। वहीं, अब स्थानीय निवासियों ने आपसी सहयोग व प्रशासन की अनुमति से एक सुंदर मधुर वाटिका तैयार कर दी है। अब यहां लोग घूमने व टहलने के लिए आने लगे हैं।
स्थानीय निवासियों की इस पहल में प्रशासन ने भी उनका खासा सहयोग किया है। अब जुलाई के बाद यहां पर और भी पौधे लगाए जाएंगे। इस वाटिका की नियमित देखभाल करने वाले अतर सिंह ने बताया कि यहां पूरा जंगल हुआ करता था।
पर्यावरणविद रामनिवास यादव, रामोतार बीओ, अमरजीत व वाटर वर्क्स के श्योकरण यादव की टीम ने लोगों को यहां पर वाटिका विकसित करने का सुझाव दिया। साथ ही इस काम के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को भी जोड़ा। इसके बाद प्रशासन की अनुमति लेकर योजना पर काम करना शुरू कर दिया।
सबसे पहले वन विभाग के अधिकारी ने लेबर भेजकर यहां खड़ी कंटीली झाड़ियों को साफ कराया और जेसीबी से भूमि को सपाट करवाया। इसके बाद खुशीराम चंदेला ने यहां पर डंपरों से मिट्टी डलवाई।
अमरजीत बडेसरा ने वाटिका के चारों ओर फेंसिंग लगवाई और पानी का छिड़काव कराया। किसी ने खाद डलवाई तो किसी ने पौधों पर छिड़काव करने वाली दवा का प्रबंध किया तो किसी ने अपनी क्षमतानुसार आर्थिक सहयोग किया। अंत में प्रदीप संघी ने विभिन्न प्रकार के पौधों की वेराइटी उपलब्ध करवाई।
कई किस्म के लगे हैं पौधे
अतर सिंह ने बताया कि यहां पर चीकू, जामुन, अमरूद, आम, आंवला, नींबू, अनार, सहजना, करोंजे, नीम, पीपल, बरगद, कदम, गुलाब,गेंदा, गुड़हल, बोगन बेलिया, तिकोमा, बोटल पाम, कनेर, चंपा, चमेली, चांदनी, मोरपंखी व तुलसी सहित औषधीय पौधे भी मौजूद हैं।