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Mahendragarh-Narnaul News: जहां नियम कमजोर पड़ते हैं, वहां जान-पहचान चलती है...

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फोटो 20: अटेली के एक मेडिकल स्टोर पर दवा लेता व्य​क्ति। संवाद
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नारनौल। कफ सिरप की बिक्री को लेकर सख्त नियमों के बावजूद मेडिकल स्टोर्स पर अलग-अलग तस्वीर सामने आईं हैं। कुछ दुकानदार बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा देने से इन्कार रहे हैं तो कुछ परिचित ग्राहकों को आसानी से सिरप दे रहे हैं। वहीं, ग्रामीण इलाकों में बिना पर्ची के कफ सिरप धड़ल्ले से बिक रहे हैं।
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दरअसल, 1945 के ड्रग्स नियमों में संशोधन किया है जिसके तहत अब बिना पर्ची के कफ सिरप की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। हालांकि, स्थानीय पड़ताल में पता चला कि नारनौल की कुछ जगहों पर नियमों के पालन में ढिलाई देखने को मिल रही है।
रेवाड़ी रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर पर जब कफ सीरप मांगी गई तो संचालक ने कहा कि पहले डॉक्टर पर्ची दिखाओ। पर्ची न होने का बोलने पर उन्होंने दवा देने से साफ इन्कार कर दिया। वहीं, महेंद्रगढ़ रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर के संचालक ने भी बिना पर्ची के सीरप देने से मना किया।
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वहीं, निजामपुर के नया गांव के रहने वाले व्यक्ति ने बताया कि ज्यादातर लोग सीधे मेडिकल स्टोर से खांसी की दवा ले लेते हैं। उन्होंने भी बिना पर्ची के कफ सीरप खरीदा है।
आप तो जानकार हो, ले जाओ...
शहर के एक मेडिकल स्टोर पर पड़ताल करने के दौरान सामने आया कि अगर आप स्टोर संचालक से परिचित हैं तो आपको डॉक्टर की पर्ची की कोई आवश्यकता नहीं है। दूसरी ओर आप संचालक के जानकार नहीं हैं तो आपके ऊपर सभी नियम व कायदे लागू हो जाते हैं।


सुखी खांसी है या बलगम वाली पूछकर थमा दी सीरप
खांसी के एक मरीज ने बताया कि वह वीरवार शाम नांगल दर्गु के एक मेडिकल स्टोर पर दवा लेने गया था जहां स्टोर संचालक ने केवल यह पूछा कि सुखी खांसी है या बलगम वाली, इसके बाद उसने बिना पर्ची के उसे कफ सीरप दे दिया।
बॉक्स
लोगों को पहले कफ सीरप आसानी से मेडिकल स्टोर से मिल जाती थीं लेकिन सरकार की हिदायतों के अनुसार अब किसी भी नागरिक को बिना डाॅक्टर की लिखित पर्ची के बिना सीरप नहीं दी जा रही है।-विनोद कुमार, मेडिकल स्टोर संचालक, अटेली
बॉक्स
पहले लोग मनमर्जी से दवाइयां ले जाते थे लेकिन अब पुरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी को कोई भी दवाइयां नहीं दी जाती है।-नरेश कुमार, मेडिकल स्टोर संचालक, अटेली
वर्जन:
जिले में पहले से ही मेडिकल स्टोरों पर डॉक्टर की पर्ची से कफ सीरप दी जा रही है। इसको लेकर जिले में लगातार जांच भी की जाती है। अगर किसी मेडिकल स्टोर में खामी पाई भी जाती है तो विभाग की तरफ से नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। -प्रशांत, ड्रग इंस्पेक्टर, नारनौल
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