गांव बड़कोदा से गत मंगलवार शाम को लापता हुई तीन माह की बच्ची का शव पांच दिन बाद रविवार की सुबह घर के आंगन में ही बने कुएं में मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर बच्ची के शव को कब्जे में लिया। बच्ची का शव चिकित्सकों के एक मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। वहीं इस मामले में शक के आधार पर पुलिस ने बच्ची के पिता, मां व फूफा से पूछताछ कर रही है। देर शाम पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
ज्ञात हो कि गांव बड़कोदा से मंगलवार शाम को खेतों में मकान बनाकर रह रहे हनुमान की तीन माह की पुत्री माही घर से लापता हो गई थी। जिस समय बच्ची लापता हुई, उस समय हनुमान अपनी मां के साथ बाहर गया हुआ था तथा घर में बच्ची की मां ज्योति अकेली थी। बच्ची के लापता होने पर इसकी सूचना परिजनों ने मंगलवार शाम को पुलिस को दी। पुलिस ने बच्ची की गांव में चारों तरफ तलाश की लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चला। बाद में बुधवार सुबह को एसपी ने स्वयं गांव में पहुंचकर खेतों में बच्ची की तलाश की थी। यह सर्च अभियान करीब तीन घंटे चला था, इसमें भी बच्ची का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद वीरवार को बच्ची की तलाश पुलिस ने खोजी कुत्तों व ड्रोन के द्वारा की गई फिर भी पुलिस के हाथ खाली रहे। वहीं ग्रामीणों ने अपने स्तर पर भी बच्ची की तलाश गांव के खेतों व नदी पर की थी।
नदी-नालों की भी खाक छानी थी पुलिस ने
पुलिस ने शुक्रवार व शनिवार को गांव के पास से जा रही कृष्णावती नदी व जंगलों में सर्च अभियान चलाया था। इस दौरान वन्य प्राणी विभाग की टीम भी साथ थी। मगर पांच दिन की तलाशी के बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहे।
जंगली जानवर द्वारा उठा ले जाने का था शक
मंगलवार शाम से लापता हुई बच्ची को जंगली जानवरों द्वारा उठा ले जाने का शक भी ग्रामीण जता रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में जंगली जानवर छोटे पशुओं का शिकार करता है, हो सकता है कि नदी की ओर से कोई जंगली जानवर खेतों में आकर बच्ची को उठा ले गया हो। जिसके चलते वन्य प्राणी विभाग की टीम को भी बुलाया गया था। वहीं घर के बाहर दो मरी हुई बिल्लियां मिली थी। जिसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया था कि उक्त बिल्लियों के गले पर दांतों के निशान थे, जो किसी जंगली जानवर के थे। ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि हो सकता है जंगली जानवर वहां से गुजरते हुए बच्ची को उठा ले गया हो।
बच्ची को पिता को कुएं में दिखी लाश
बच्ची के पिता हनुमान के अनुसार उसने सुबह घर में बने कुएं की मोटर चलाई तो मोटर ने पानी नहीं उठाया। इस पर उसको शक हुआ कि कहीं मोटर में कोई कपड़ा या थैली फंस गया है। इस पर उसने कुएं में झुककर देखा तो कोई वस्तु कुएं में गिरी हुई दिखाई दी। इसके बाद उसने अपने जीजा राजबीर को इस बारे में बताया। राजबीर ने भी कुएं भी झुककर देखा तो उसे भी कोई वस्तु कुएं में दिखाई दी। जिस पर दोनों ने शीशे का फोकस बनाकर कुएं में डाला तो उन्हें कुछ पड़ा हुआ दिखा। इस पर उन्होंने इसकी सूचना ग्रामीणों व सरपंच को दी।
सरपंच ने दी पुलिस को सूचना
सरपंच ने इस बारे में पुलिस को सूचित किया। जिसके बाद सदर थाना एसएचओ सतबीर सिंह दलबल सहित मौके पर पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने एफएसएल टीम को सूचना दी। मगर एफएसएल टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई।
लोरिंग मशीन से पुलिस कर्मी उतरा कुएं में
एफएसएल टीम के नहीं आने पर लोरिंग मशीन के माध्यम से एएसआई फूल कुमार करीब 150 फुट गहरे तथा 20 फुट पानी के भरे कुएं में उतरा। जहां पर उसने करीब 30 मिनट तक कुएं में रहकर ही बच्ची की वीडियो बनाई व वहीं पर ही फोटो खींची। जिसके बाद ही उसने सब्जी के कैरेट में डालकर बच्ची के शव को बाहर निकाला।
बच्ची के शरीर पर कहीं नहीं चोट के निशान
पुलिस के अनुसार बच्ची के शरीर पर कहीं पर भी चोट के निशान दिखाई नहीं दिए। वहीं माथा थोड़ा दबा हुआ दिखाई दिया। पुलिस कर्मियों के अनुसार बच्ची की लाश कुएं के पानी में तैर रही थी।
पोस्टमार्टम होने के बाद होगा खुलासा
पुलिस के अनुसार बच्ची को पोस्टमार्टम चिकित्सकों की एक टीम से कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची की मौत के बारे में खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पुुलिस बच्ची के पिता, माता व फूफा से पूछताछ कर रही है।
फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम करेंगी बच्ची का पोस्टमार्टम
चिकित्सा अधिकारी राजेश ने बताया कि बच्ची का शव चार-पांच दिन पुराना होने के कारण उसका पोस्टमार्टम फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम द्वारा किया जाएगा। नारनौल शहर में फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम नहीं है। इस कारण बच्ची के शव को रोहतक भेजा जाएगा।
बच्चे के परिजनों के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के कारणों का पता चल पायेगा। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। -साधूराम, एसएचओ, थाना शहर