फोटो नंबर-16नारनौल में छाए कोहरे व सर्द हवा से बचाव कर जाते लोग। संवाद
नारनौल। क्षेत्र में रविवार को अचानक मौसम ने करवट बदली और हवा के साथ कोहरा छा गया। तेज गति से चल रही ठंड हवा के चलते इलाके के पारा भी लुढ़कने लगा है। इसकी वजह से लोगों को गर्म कपड़े पहनने के लिए विवश होना पड़ा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से उत्तरी पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हुई। क्षेत्र में बर्फीली हवा 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। इसकी वजह से संपूर्ण इलाके के दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं पूरे दिन शहर सफेद कोहरे की चादर से ढका रहा।
मौसम विशेषज्ञ डाॅ. चंद्रमोहन ने बताया कि जब कोहरे का धुएं के साथ मिश्रण होता है तो उसे धुंध (स्मॉग) कहते हैं। कुहासा या धुंध भी एक तरह का कोहरा ही होता है, बस दृश्यता का अंतर होता है। यदि दृश्यता की सीमा एक किमी या इससे कम हो तो उसे कुहासा या धुंध कहते हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा जिम्मेदार जेट स्ट्रीम औसत समुद्र तल से 12.6 किमी ऊपर 120 नॉट तक की गति की हवा उत्तर-पश्चिम भारत में जारी है।
इन्हीं हवा की वजह से मौसम में आमजन को सर्दी का अहसास हो रहा है। इसके चलते जिला महेंद्रगढ़ का दिन और रात का तापमान क्रमश 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। नारनौल में अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 14.5 डिग्री दर्ज किया गया। संपूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान सामान्य से नीचे बने हुए हैं और आने वाले दिनों में अब ठंड और बढ़ने की संभावना बन रही है। एक तरफ इस प्रकार की मौसमी चरम परिस्थितियां से संपूर्ण इलाके में दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर हों गई है। वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण स्तर में भी गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि हरियाणा में अधिकतर स्थानों पर 300 को पार कर गया है, वहीं नारनौल का प्रदूषण स्तर 133 एक्यूआई दर्ज किया गया है।