महेंद्रगढ़। मानसून सीजन की पहली जोरदार बारिश वीरवार को हुई। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं शहर में जलभराव से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगर पालिका कार्यालय में एक से डेढ़ फीट तक पानी भरा हुआ था।
बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही। करीब 50.5 एमएम बारिश के बाद गलियों से लेकर मुख्य मार्गों पर चारों ओर पानी ही पानी नजर आया। वीरवार शाम तक कई एरिया में जलभराव बना रहा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतें हुई।
मानसून को सक्रिय हुए करीब एक महीने का समय हो चुका है। महेंद्रगढ़ में अब तक जोरदार बारिश नहीं हुई थी। बुधवार की शाम को हल्की बारिश शुरू हुई जो देर रात तक जारी रही। कृषि विभाग के रिकार्ड के अनुसार 50.5 एमएम बारिश हुई। क्षेत्र में लगाई गई कपास, बाजरा, ज्वार, ग्वार की फसल के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद साबित होगी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जयलाल ने बताया कि यह बारिश सभी फसलों के लिए लाभदायक है। बाजरे में सिंचाई की समस्या से किसानों को राहत मिली है। अधिकतर एरिया में बिजाई पहले ही पूरी हो चुकी है।
इन क्षेत्रों में भरा पानी
बारिश से शहरी एरिया में लोगों को दिक्कतें हुईं। विश्वकर्मा चौक पानी से लबालब भर गया। आसपास की दुकानों में पानी घुस गया। चौक पर पानी भर जाने से दुपहिया एवं चौपहिया वाहन बीच में ही बंद हो गए। ऐसे वाहनों को निकालने के लिए धक्का लगाना पड़ा। रतन कॉम्प्लेक्स, सिनेमा रोड, मसानी चौक, गांधी मार्केट, शंकर मार्केट, मोहल्ला महायचान, राज गार्डन मैरिज पैलेस, सैनीपुुरा, छाजुपुरम, ओवर ब्रिज के पास, बुचौली रोड आदि स्थानों पर पानी भरा हुआ। जिन एरिया से पानी निकासी हो गई वहां कीचड़ फैला रहा। पहली जोरदार बारिश ने ही नगरपालिका एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की सफाई व्यवस्था का हाल जनता के सामने ला दिया। नालियों और सीवरेज लाइनों की सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर कई कई घंटे तक भरा रहा। विश्वकर्मा चौक एवं राज गार्डन मैरिज पैलेस के पास लगाए गए रिचार्ज बोर भी फेल हो चुुके हैं।
हाईवे पर बुरा हाल
नेशनल हाईवे का दर्जा घटाकर स्टेट हाईवे बनाए गए नारनौल-महेंद्रगढ़-दादरी रोड पर वाहन चालकों को दिन भर परेशानी सहनी पड़ी। सतनाली चौक के पास पानी और कीचड़ के कारण दुपहिया वाहन चालकों को परेशानी हुई। राव तुलाराम चौक से रेलवे ओवर ब्रिज तक की सड़क भी बेहद जर्जर होने के कारण वाहन बेहद धीमी गति से चलते हुए दिखाई दिए।
जिनकी जिम्मेदारी उनके दफ्तर में ही पानी
शहरी एरिया के लोगों को बारिश के पानी से निजात दिलाने की जिम्मेदारी नगरपालिका की है। नगरपालिका के कार्यालय में ही एक एक फीट पानी जमा रहा। बारिश थमने के 15 घंटे बाद भी पानी भरा दिखाई दिया। नगरपालिका कार्यालय में एक से डेढ़ फीट तक पानी भरा हुआ था। नगरपालिका के कर्मियों को भी जूते उतारकर कार्यालय में जाना पड़ा।