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Mahendragarh-Narnaul News: आंकड़ों में अमीरी, हकीकत में मजबूरी

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फोटो नंबर- 10राशन डिपो से सामान लेते लोग। संवाद
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नारनौल। बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) व एएवाई (अंत्योदय अन्न योजना) कार्ड धारकों को परिवार पहचान पत्र(पीपीपी) में गलत आय दर्ज होने के कारण राशन से वंचित होना पड़ रहा है। इसमें विधवाओं और किसानों के नाम सबसे ज्यादा हैं।
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विधवाओं को राज्य सरकार की ओर से 3 हजार रुपये की पेंशन दी जाती है लेकिन कई विधवाओं के पीपीपी में वह पेंशन रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन के तौर पर सबमिट हो रही है। इसके कारण 1,80,000 रुपये से कम आय होने पर भी कई विधवाओं की वार्षिक आय 3 लाख से ज्यादा दिखाई गई है। इसी कारण उनका नाम बीपीएल श्रेणी से बाहर कर दिया गया है।
इसी प्रकार जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। उनकी पंजीकृत जमीन पर औसत पैदावार का आकलन करते हुए पीपीपी में वार्षिक आय बढ़ाई गई है। इसके चलते कई किसानों को भी बीपीएल श्रेणी से बाहर किया गया है।
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महेंद्रगढ़ जिले की बात करें तो 2025 में 39,138 राशन कार्ड धारकों के नाम काटे गए हैं। इस समय जिले में कुल 145628 राशन कार्ड है जिसमें बीपीएल के 134644 और एएवाई के 10984 है। इन्ही समस्याओं को लेकर रोजाना कई लोग एडीसी कार्यालय पहुंच रहे हैं।
39138 धारकों के कटे राशन कार्ड
जिले में दिसंबर 2023 तक बीपीएल परिवारों की संख्या 132365 थी जो दिसंबर 2024 में बढ़कर 168523 तक पहुंच गई थी। इसके बाद 2025 में 39138 राशन कार्ड काटने से अब 145628 संख्या रह गई है।
दिसंबर में 16 बीपीएल कार्ड बढ़े
जिले में 2025 में लगातार राशन कार्ड धारकों के नाम कटने के बाद दिसंबर में 16 बीपीएल के राशन कार्ड बढ़े हैं। नवंबर में 134628 बीपीएल कार्ड थे जो दिसंबर में बढ़कर 134644 हो गए हैं।



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बेरोजगारों को मनरेगा में दिखाया
नांगल चौधरी के वार्ड नंबर 7 निवासी रामानंद खेती बाड़ी करते हैं। उनके दो बेटे हैं और दोनों की उम्र 25 वर्ष से ऊपर है। किसान ने बताया कि दोनों बेटे अभी पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन पीपीपी में उन्हें मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त करते हुए दिखाया गया है जबकि उन दोनों ने कभी मनरेगा में काम नहीं किया। किसान जब शिकायत लेकर अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय पहुंचा तो अधिकारियों ने जवाब दिया कि आप की जमीन और बच्चों की आयु 25 वर्ष से अधिक होने के कारण पीपीपी में आय बढ़ाई गई है।
बॉक्स
मेरी उम्र 79 वर्ष है और पीपीपी में केवल मैं एक सदस्य हूं। वहीं केवल बुढ़ापा पेंशन ही मेरी आय का एकमात्र स्रोत है लेकिन पीपीपी में मुझे दो पेंशन मिल रही है वो रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी के तौर पर और मेरी वार्षिक आय 3 लाख तक दर्शाई गई है। इस कारण मेरा नाम बीपीएल श्रेणी से कट गया है। -चावली देवी निवासी मोहल्ला रावका
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हमारे पीपीपी में मैं और मेरे पति हैं। हम दोनों बुढ़ापा पेंशन प्राप्त कर रहे हैं लेकिन वार्षिक आय को 75 हजार से बढ़ाकर 3 लाख कर दिया है। इस कारण हमारा नाम बीपीएल श्रेणी से कट गया है। -भगवानी देवी निवासी मोहल्ला रावका
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विधवा महिलाओं को मिलने वाली पेंशन को रिटायर्ड कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन के तौर पर दर्शाया गया है। वहीं अलग-अलग कारणों के चलते कई लोगों के पीपीपी में आय बढ़ाकर दर्शाई गई है। इस कारण पात्र लोग भी बीपीएल श्रेणी से बाहर हो गए हैं। प्रतिदिन करीब 30 से 40 लोग बीपीएल में नाम कटने का कारण पता करने केंद्र पर आते हैं। -हरिश सैनी, सीएससी संचालक, नारनौल


जिले में कार्ड धारकों की संख्या
माह बीपीएल एएवाई
जनवरी 167399 17367



सितंंबर 149413 15679

अक्तूबर 138358 15246



नवंबर 134628 10996

दिसंबर 134644 10984



वर्जन:


उनके पास जितने राशन कार्डों की सूची पोर्टल पर आती है, उन राशन कार्ड धारकों का राशन जारी कर दिया जाता है। क्रीड विभाग परिवार पहचान पत्र के माध्यम से राशन कार्ड बनाता और रद्द करता है।-कुलदीप शर्मा इंचार्ज डिस्ट्रब्यूशन, जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग नारनौल
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