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बाजार का रास्ता 5 मिनट का पार करने में लगते हैं 45 मिनट

Tue, 05 Jan 2016 10:46 PM IST
महेंद्रगढ़ / नारनौल
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बाजार में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को भले ही पुलिस प्रशासन और नगरपरिषद ने रोकने के लिए जगह-जगह पर नो इंट्री के बोर्ड लगाए हो लेकिन नो इंट्री के चलते यहां पर भारी और चौपहिया वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है इससे न केवल जाम की स्थिति बनती है बल्कि लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाजार को पार करने के लिए केवल 5 मिनट का रास्ता है लेकिन यहां लगने वाले जाम के चलते यह रास्ता 45 मिनट में भी पार नहीं हो रहा है।
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सुबह से शाम तक चौपहिया वाहनों के बेरोकटोक प्रवेश से बाजार में जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं बाजार के दुकानदारों और लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। संकरा बाजार होने के कारण बड़े वाहन चालक पैदल चलने वालों को टक्कर मार देते हैं। शहर में महावीर चौक से आजाद चौक तक का करीब दो किलोमीटर का बाजार मुख्य बाजार माना जाता है। यह बाजार कई जगह से संकरा है  तो कई जगह से चौड़ा भी है। इसमें अधिकांश बाजार संकरा ही है। जहां पर बाजार चौड़ा है, वहां दुकानदारों ने अतिक्रमण कर कब्जा जमा रखा है। इसके कारण इन बाजारों में से निकलना बहुत ही मुश्किल भरा है।

वहीं बाजार में आने वाले चौपहिया वाहन इस मुश्किल को ज्यादा बढ़ा रहे हैं। ये वाहन सुबह से लेकर शाम तक बिना किसी हिचक के प्रवेश करते हैं। इसकी वजह से बाजार में आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है। वहीं बाजार में कई-कई देर तक ट्रैफिक जाम रहने से दुकानदार भी परेशान हो जाते हैं। शहर के बाजार में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए पुल बाजार, बजाजा बाजार व मानक चौक  के पास पाइप भी गाड़े हुए थे, जो अब गायब हो गए हैं इसलिए चौपहिया वाहन चालक यहां प्रवेश कर जाते हैं। इसकी वजह से संकरे बाजार ओर भी ज्यादा  संकरे हो जाते हैं।
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पुल बाजार के विक्की अग्रवाल, सुरेश जिंदल, मनोज  गर्ग, विकास जैन, महावीर मार्ग के अशोक प्रजापत, दिनेश कुमार, विनय जिंदल, महेंद्र कुमार आदि ने बताया कि बाजार में आने वाले बड़े वाहनों की वजह से उनकी दुकानदारी में काफी फर्क पड़ता है। इससे बाजार में कई-कई देर तक जाम की स्थिति भी बनी रहती है। पांच मिनट में पार होने वाला बाजार कई-कई बार आधे से पौन घंटे में पार हो पाता है।

ट्रांसपोर्ट के वाहनों से होती है ज्यादा परेशानी
बाजार में सबसे ज्यादा परेशानी ट्रांसपोर्ट के वाहनों से होती है, जो बाजार में स्थित दुकानदारों को उनका माल पहुंचाते हैं। शहर की विभिन्न ट्रांसपोर्ट के वाहन सुबह से शाम तक बाजार में माल सप्लाई करने के लिए लगे रहते हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इनके लिए शाम के वक्त में छूट दी थी, मगर ट्रांसपोर्ट वाले मनमर्जी के अनुसार बाजार में स्थित दुकानदारों को माल  भिजवा देते हैं।

दुकानदारों के हाथ में थी पहले पाइप लगाने की कमान
करीब तीन साल पहले बाजार में बड़े वाहनों के दिन में प्रवेश को रोकने के लिए कई  जगह पाइप लगाए गए थे। जहां-जहां भी पाइप द्वारा बेरिकेट लगाकर भारी वाहनों का प्रवेश रोका जाता है, वहां-वहां पर पाइपनुमा बेरिकेट को लगाने की कमान वहीं के दुकानदारों के पास ही थी।

तंग गलियों से भी होती है परेशानी
बाजार कई जगह बिल्कुल संकरा है। ऐसे में वहां पर ज्यादा परेशानी होती है। मुख्यत: बजाजा बाजार, पुल से पुस्तक गली तक, पुस्तक गली, मानक चौक, महावीर मार्ग बहुत ही संकरा है। ऐसे में इन तंग गलियों में अगर कोई चौपहिया वाहन आ जाए तो काफी परेशानी होती है।

पार्क गली में रोज लगता है जाम
पार्क गली में चौपहिया वाहनों का आवागमन ज्यादा होने लगा है। यहां एक बड़ी धर्मशाला होने के कारण इसमें आने-जाने वाले लोग चौपहिया वाहन का प्रयोग करते हैं। इसके अलावा भी लोग रेवाड़ी रोड से सीएसडी कैंटीन की ओर जाने के लिए यह छोटा रास्ता है इसलिए इस गली से लोग अपना चौपहिया वाहन ले जाते हैं। इसके कारण यहां रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है।

कई बार लगाए गए बेरिकेट
बाजार में चौपहिया वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कई बार बेरिकेट लगाए गए। इसके तहत महावीर चौक के पास मुख्य बाजार की ओर जाने वाले रास्ते, पुरानी कचहरी से बाजार की ओर जाने वाले रास्ते, रविदास मार्ग से  बाजार की ओर जाने वाले रास्ते, किला रोड और पुल बाजार के पास लोहे की बेल और बेरिकेट लगाए जा चुके हैं।
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