हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित एलडीसी की परीक्षा का दूसरा पेपर वाट्सअप पर लीक हो गया। परीक्षा केंद्र में पेपर दे रहे लीक करने वाले परीक्षार्थी को उस समय धर दबौचा जब वह वाट्सअप से उत्तर देख रहा था। इस बात की सूचना प्रशासन को लगते ही स्टाफ में हड़कंप मच गया। विवि प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर इसकी जांच की तथा पुलिस प्रशासन को इतला किया। मौके पहुंची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसे सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन के बयान पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दूसरे पेपर व्याख्याता को रद्द कर दिया है। इस पेपर की अभी तक विवि प्रशासन ने कोई तारीख निश्चित नहीं की है जल्द ही दूसरा पेपर करवाए जाने की संभावना है।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में रविवार को एलडीसी की परीक्षा थी। इस दौरान उन्होंने गांव टूमना थाना कोसली जिला रेवाड़ी निवासी विजय सिंह पुत्र महेंद्र सिंह कड़ी की सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्र में मोबाइल छिपाकर ले गया। आरोपी विजय ने परीक्षा शुरू होते ही बहुविकल्प प्रश्न की मोबाइल से फोटों खींच कर दूसरे नंबर पर वाट्सअप कर दिया । 15 मिनट में पेपर के उत्तर उसके वाट्सअप पर आ गया जैसे ही उसने नकल करने का प्रयास किया उसी समय कमरे में ड्यूटी देने वाले निरीक्षक ने उसे दबौच लिया। उसके बाद उसे हाथों से फोन छीन लिया और विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी सूचना दी। विवि प्रशासन ने तुरंत आकोदा पुलिस चौकी को इस संबंध में सूचना दी। प्रशासन की ओर से रजिस्ट्रार रामदत्त ने आकोदा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 72 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया। रातभर उसे हिरासत में रखा उसके बाद पुलिस ने सोमवार को महेंद्रगढ़ न्यायालय में पेश किया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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परीक्षा के लिए बनाए थे तीन परीक्षा केंद्र।
हकेंविवि ने मई 2016 में नॉन टीचिंग स्टाफ की लगभग 125 पोस्ट जारी की थी। इन विज्ञापनों में 8 पोस्ट एलडीसी की थी। पोस्ट के लिए लगभग 1500 लोगों ने आवेदन किया था। रविवार को 3 परीक्षा केंद्रों पर एलडीसी की परीक्षा आयोजित करवाई गई थी इस परीक्षा के लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में 1 तथा चरखी दादरी मे 2 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर लगभग 1000 से ऊपर परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे थे। शेष अनुपस्थित रहे।
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विवि प्रशासन ने जांच कव्नमेटी बैठाई:
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में इस मामले को लेकर जांच कमेटी बैठाई है। कमेटी में रजिस्ट्रार रामदत्त, प्रो. उमेद सिंह, प्रो. अमर सिंह, प्रो. नीरजा धनखंड, तथा परीक्षा नियंत्रक डॉ. विपुल शामिल थे। इस बैठक का नेतृत्व रजिस्ट्रार रामदत्त कर रहे थे। एक घंटे मिटिंग चलने के बाद कमेटी ने दूसरा पेपर व्याख्याता का रद्द करने का निर्णय लिया है।
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विवि प्रशासन से हुई चूक:
हरियाणा केंद्रीय विवि में इस मामले में कहीं न कहीं चुक अवश्य हुई है। परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं थी। बाहर चेकिंग हाथ से ही की जा रही थी। चेकिंग के दौरान किसी यंत्र का भी प्रयोग नहीं किया गया। इस दौरान न कोई विडियो रिकार्डिंग की गई और न ही जैंबर लगाए गए थे। परीक्षार्थियों के कपड़ों पर ऊपर से नीचे हाथ मार कर ही चैक किया जा रहा था। जिनके पास मोबाइल थे उनको बाहर रखवा दिया गया था।
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व्याख्यता का पेपर हुआ आऊट:
एलडीसी की परीक्षा के लिए विवि प्रशासन ने बहुविकल्पि एवं व्याख्यात्मक दो पेपर आयोजित करवाए थे। पहली परीक्षा बहुविकल्पिक की सुबह 10.30 से 12.30 बजे आयोजित की गई। यह परीक्षा में 100 प्रश्न थे तथा 100 नंबर की परीक्षा थी। इसके बाद 2.00 से 4.00 बजे व्याख्यात्मक परीक्षा थी। व्याख्यात्मक पेपर शुरू होते ही वाट्सअप से बाहर जा चुका था। 14 मिनट में पेपर की आंसर की वाट्सअप से अंदर आ चुकी थी। जैसे ही आरोपी ने मोबाइल से करना चाहा तो उसी दौरान निरीक्षक ने धर दबौचा। इस परीक्षा में कुल 18 प्रश्न पूछे गए थे जो 100 नंबर के थे। 18 प्रश्नो में प्रश्न 4 से 13न. तक 20 अंक के थे जिनमें प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का था।
वर्जन:
विवि प्रशासन ने मामले की शिकायत पुलिस को दे दी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया है। दूसरे पेपर को रद्द कर दिया गया है। इस पेपर के लिए जल्द नई तारीख निर्धारित की जाएगी। उसी तारीख को यह पेपर होगा। दूसरी परीक्षा में वो ही परीक्षार्थी शामिल होंगे जिन्होंने पहला पेपर दिया था।-----रामदत्त रजिस्ट्रार -सीयूएच
वर्जन:
विवि में पेपर के दौरान नकल करते आरोपी विजय सिंह को पकड़ लिया है, उसे सोमवार को न्यायालय में पेश कर दिया है। न्यायाधीश ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।-----नरेंद्र कुमार-आकोदा चौकी इंचार्ज।