फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धक्का-मुक्की में हुआ गर्भवती महिलाओं का चेकअप

Tue, 10 Jan 2017 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
धक्कमा-मुक्की में हुआ गर्भवतियों का चेकअप
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत शनिवार को जांच के लिए पहुंची गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल में भीड़ इतनी अधिक थी कि धक्का मुक्की में ही जांच करवानी पड़ी। अस्पताल में व्यवस्था नहीं बन पाने के कारण गर्भवती महिलाओं का जांच करवाने के लिए 4-4 घंटों में नंबर आ रहा था। इस व्यवस्था से अस्पताल के अन्य व्सयवस्था भी प्रभावित हो रही थी। इनमें कुछ महिलाओं को शाम 3 बजे के बाद बिना जांच करवाए वापस जाना पड़ा।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत 9 तारीख को गर्भवती महिलाएं जांच करवाने के लिए सिविल अस्पताल पहुंची। अस्पताल में लगभग 300 महिलाएं विभिन्न गांवों से चेकअप करवाने के लिए पहुंची। गर्भवती महिला एवं परिजन एक साथ महिला चिकित्सक के गेट के बाहर खड़े हो गए। अस्पताल में लाइन या फिर किसी कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। भीड़ में जांच करवाने के लिए सुबह आई महिलाओं का नंबर नहीं आया जबकि बाद में आने वालों का नंबर पहले आ गया था। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए बैठने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। धक्का मुक्की में ही गर्भवती महिलाओं ने अपनी जांच करवाई। लगभग 2 बजे एसएमओ वहां पहुंचे उसके बाद उन्होंने महिलाओं के बैठने की व्यवस्था करवाई तथा अन्य कर्मचारियों को भी वहां तैनात किया गया। इसके बाद कार्य सुचारू रूप से चला।
300 महिलाओं पर 2 चिकित्सक
सिविल अस्पताल में सुबह से लेकर सायं 3 बजे तक दो महिला चिकित्सक ही गर्भवती महिलाओं की जांच कर रही थी। महिलाओं की संख्या को देखकर अस्पताल में महिला चिकित्सकों की कमी थी। दोनों ही महिला चिकित्सकों ने 150-150 ओपीडी की है। 9 से 3 बजे तक 6 घंटे चली ओपीडी में मात्र एक महिला को जांच के लिए औसत 2.5 मिनट भी नहीं मिले।
विज्ञापन

बाक्स:
लैब टेक्निशियन की कमी
सिविल अस्पताल में लैब टेक्निशियन का भी अभाव था। एक ही लैब टेक्निशियन महिलाओं के सेंपल ले रहा था। अस्पताल में लैब का समय 9 से 12.30 बजे होता है। सोमवार को टेक्निशियन ने 200 मरीजों के सैंपल लिए। उसके बाद उसने सैंपल लेने बंद कर दिए। उन्हीं सैंपलों की उसे रिपोर्ट तैयार करनी थी। बाद वाले मरीजों को अगले दिन जांच करवाने का समय दिया गया।
एक सेंटर बनाने से बढ़ी भीड़
सिविल अस्पताल महेंद्रगढ़ को एक सेंटर बनाने से महिलाओं की भीड़ बढ़ गई।  जिससे गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार को सतनाली, कनीना, सेहलंग, नांगल सिरोही तथा महेंद्रगढ़ के मरीज यहां पहुंच रहे थे। इन सभी स्थानों पर अस्पताल की व्यवस्था बनी हुई है, उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने केवल महेंद्रगढ़ को ही जांच सेंटर बना दिया।। इससे गर्भवती महिलाएं एक तो ठंड में 25 किलोमीटर से अधिक दूरी से चलकर आई और दूसरा 4 घंटे वहां खड़ी रहीं।  

महिला चिकित्सक से की बदतमीजी
एक गर्भवती महिला के साथ आए एक परिजन ने महिला चिकित्सक के साथ गुस्से में आकर बदतमीती से पेश आया। महिला चिकित्सक बाहर खड़ी महिलाओं को बैठने के लिए कह रही थी उसी दौरान एक परिजन ने उनके साथ अभ्रद भाषा का प्रयोग किया।  महिला चिकित्सक ने उसी दौरान उस परिजन को जमकर लताड़ा।
----------------------------------------
सुबह 11 बजे से अस्पताल में खड़ी हूं अभी तक मेरा नंबर नहीं आया है। अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं बनी हुई। मेरी पर्ची न. 2304 हैं जबकि 3100 वाले दिखाकर चले गए। जबकि वह बाद में आया था। -विजयंता, गांव नांगल माला
---------------------------------
चेकअप के लिए सुबह 9 बजे आई थी। अभी नंबर नहीं आया है। अस्पताल में खून की जांच करने का कार्य बंद हो गया है। अब कल आने के लिए बोला है। अस्पताल में पूरी अव्यवस्था बनी हुई थी जिससे बड़ी परेशानी उठानी पड़ी। -सुषमा, खातोदड़ा
----------------------------
सोमवार को भीड़ अधिक थी। महिलाओं के साथ आए परिजनों ने अव्यवस्था बना दी थी। मैंने बाद में आकर व्यवस्था करवा दी थी उसके बाद काम सुचारू रूप से चला था।----एसएमओ सुरेंद्र सिंह
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें