नारनौल। बढ़ती गर्मी के साथ अब पानी की किल्लत भी बढ़ गई है। शहर और आसपास के कई इलाकों में पीने योग्य पानी की कमी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं नलों में पानी नहीं आ रहा तो कहीं गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। ऐसे में लोग मजबूरी में आरओ कैंपर और निजी पानी के टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं।
शहर में इन दिनों 20 लीटर वाले आरओ कैंपर की मांग अचानक बढ़ गई है। बाजार, सरकारी दफ्तर, निजी संस्थान और अस्पतालों में रोज बड़ी संख्या में कैंपर पानी पहुंचाया जा रहा है।
वहीं, जिन घरों में आरओ सिस्टम नहीं है, वहां लोग अब रोज कैंपर मंगवाकर पीने का पानी जुटा रहे हैं। तीन महीने पहले जो कैंपर 15 रुपये में मिल जाता था, अब उसके लिए 20 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि पानी जैसी जरूरी चीज भी अब महंगी होती जा रही है।
शहर में करीब 10 बड़े आरओ सप्लायर सक्रिय हैं। एक सप्लायर रोज करीब 40 हजार लीटर पानी की सप्लाई कर रहा है। पिकअप गाड़ियों में टंकियां भरकर सुबह से देर शाम तक अलग-अलग कॉलोनियों में पानी पहुंचाया जा रहा है।
दूसरी तरफ जिन इलाकों में पानी का ज्यादा संकट है, वहां टैंकरों की मांग लगातार बढ़ रही है। क्षेत्र में करीब 150 निजी टैंकर चल रहे हैं और रोजाना 1400 से 1500 टैंकर पानी सप्लाई कर रहे हैं। एक टैंकर के लिए लोगों को 350 से 500 रुपये तक देने पड़ रहे हैं।
टैंकरों के सहारे गांव धनुंदा के लोग
मंडी अटेली के गांव धनुंदा से अंडरपास तक बसे कस्बा वासी इन दिनों पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों वीरेंद्र सिंह, प्रमोद, योगेश कुमार, सुमित यादव, महेश कुमार, भगवान सिंह, ओमप्रकाश, पिंकेश कुमार, पवन कुमार, तस्वीर सिंह, उदय भान, देवेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह व गौरव शर्मा सहित अन्य ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्या की शिकायत दी लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। कस्बा वासियों का कहना है कि क्षेत्र में लगी पेयजल लाइन काफी पुरानी है जिसके कारण पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही।