महेंद्रगढ़। सरकारी विभागों ने बिना तालमेल और किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दौहान नदी क्षेत्र में छोड़ा गया पानी अब लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
तीन सालों से लगातार जेएलएन में बरसाती मौसम में तीन माह मिलने वाले अतिरिक्त पानी को दौहान नदी में छोड़ा जा रहा है, लेकिन इसके लिए लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के अधिकारियों में तालमेल के अभाव का खामियाजा प्रतिदिन दस हजार से अधिक वाहन चालक भुगत रहे हैं।
डार्क जोन में शामिल महेंद्रगढ़ क्षेत्र के भूजल स्तर में रिचार्ज के लिए वर्ष 2023 में दौहान को पुनर्जीवित करने की परियोजना तैयार की गई थी। इसके लिए सिंचाई विभाग की ओर से जेएलएन में बरसाती सीजन में तीन माह मिलने वाले अतिरिक्त पानी को दौहान क्षेत्र में छोड़ने के लिए भूमिगत पाइप लाइन दबाई गई थी। अब दौहान क्षेत्र में आने वाली तीन प्रमुख सड़कों पर दिनभर पानी चलता है।
गांव देवनगर के पास करीब तीन से चार फिट सड़क के ऊपर बहने वाले पानी में दिनभर वाहन बंद होते हैं। दुपहिया वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं महेंद्रगढ़ से देवास मार्ग पर महज सड़क के नीचे एक पाइप होने से पानी ऊपर से बहता रहता है। इसके अलावा पिछले एक सप्ताह से चल रहा पानी अब गांव माजरा खुर्द से गुजरने वाले महेंद्रगढ़-रेवाड़ी रोड पर पहुंच चुका है। इन सड़कों पर दिनभर दस हजार से अधिक वाहन अवागमन करते हैं।
इंसेट
- तीन मुख्य सड़कों पर नहीं बने पुल और नीचे नहीं बिछी लाइन
तीनों सड़कों पर दौहान के गुजरने से परेशानी हो रही है, लेकिन इन तीनों ही सड़कों पर जिम्मेदारों ने पानी के लगातार बढ़ते बहाव को देखते हुए कोई योजना तक तैयार नहीं की। सड़क पर पुल या फिर नीचे से पाइप लाइन डाली जाती हो आवागम बाधित न होता और दौहान नदी से क्षेत्र के भूजल स्तर को भी लाभ मिलता।
- वर्जन:
दौहान क्षेत्र में आने वाली सड़कों पर आवागम को सुचारू रखने के लिए इन स्थानों पर साइन बोर्ड लगवाए जाएंगे। इनपर वैकल्पिक मार्गों का भी विवरण होगा। इसके अलावा इसके स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण व सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर वैकल्पिक व्यवस्थाओं के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा। जो भी व्यवस्था उचित होगी उसे जल्द धरातल पर उतारा जाएगा ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
- अनिल कुमार यादव, उपमंडल अधिकारी महेंद्रगढ़।