महेंद्रगढ़। होली पर्व पर शहरवासियों को पानी कि किल्लत झेलनी पड़ सकती है। जन स्वास्थ्य विभाग के गांव देवास स्थिति जलघर में महज चार दिन का नियमित पानी शेष है।
विभाग की ओर से शनिवार से ही पानी की राशनिंग शुरू कर दी जाएगी। नहरी पानी पर आधारित देवास जलघर में 85 लाख लीटर पानी की क्षमता के चार टैंक बने हुए हैं। इनमें से टैंक नंबर एक खाली हो चुका है। दो नंबर में महज 9 फुट पानी शेष है जबकि टैंक तीन व चार में महज दो से ढाई फुट पानी ही बचा है।
अब विभाग के पास महज चार दिन का नियमित पानी शेष है। वहीं नहर में पानी आने में अभी 11 दिन का समय शेष है और विभाग के पास पानी केवल चार दिन की आपूर्ति का है। ऐसे में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी की राशनिंग कर यह पानी आठ दिन तक एक दिन छोड़कर एक दिन आपूर्ति किया जाएगा।
जिले में नहरी पानी आपूर्ति आठ मार्च को ही बंद कर दी गई थी और अब संभावना जताई जा रही है कि आगामी दो अप्रैल को ही नहरी पानी उपलब्ध हो पाएगा। ऐसे में जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर की 40 हजार की आबादी को प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के हिसाब से 6.45 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है। अब इसमें कटौती करके नहरी पानी आने तक प्रतिदिन करीब 3 लाख लीटर पानी ही आपूर्ति किया जाएगा।
यह है पानी की मांग व आपूर्ति का गणित
शहर की करीब 40 हजार की आबादी को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 155 लीटर पानी के हिसाब से करीब 6 लाख 45 हजार लीटर पानी की प्रतिदिन आवश्यकता है। विभाग के पास गांव देवास स्थित चार जलघरों में महज 15 दिन का ही पानी स्टोर हो सकता है। इसमें से महज चार दिन का पानी शेष है। क्योंकि कुछ स्थानों पर बोरवेल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
विभाग इस प्रकार से करेगा अब पानी की राशनिंग
इस समय शहर में करीब आठ हजार घरेलू व कॉमर्शियल कनेक्शन हैं। विभाग ने पानी की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए अब महज चार दिन का पानी शेष है। हालांकि शहर में 12 से अधिक बोरवेल भी विभाग के पास हैं जिनसे नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। जलघर में महज चार दिन का पानी शेष है। जलघर के टैंकों में उपलब्ध पानी से शहर में नियमित आपूर्ति की जा रही है। अभी नहर आने में 11 दिन शेष है।
गत आठ मार्च को नहरी आपूर्ति बंद हुई थी व दो अप्रैल को नहर में पानी आने की संभावना है। शहरवासियों से अपील है कि पानी का जरूरत के अनुसार ही उपयोग करें जिससे कोई परेशानी न हो। अब पानी की राशनिंग शुरू की जाएगी जिससे कोई परेशानी न आए।
- दीपचंद, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग महेंद्रगढ़