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शहर की सवा लाख आबादी टैंकरों के सहारे

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नारनौल। तापमान बढ़ने के साथ ही शहर और गांवों में पानी की किल्लत बढ़ रही है। शहर व गांव के टैंकों से पानी खत्म हो चुका है नहर में पानी अभी पहुंचा नहीं है। शहर व गांवों में टैंकरों की सहायता से लोग अब अपनी जरूरत को पूरा कर रहे हैं। लोग जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सिंचाई विभाग से लगातार संपर्क में हैं। जल्द से जल्द नहर में पानी आने के बाद सबसे पहले शहर व गांवों में टैंकों को भरा जाएगा जिससे समस्या का समाधान हो सके।
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शहर के मोहल्ला पुरानी सराय, पुल बाजार, कैलाश नगर, पुरानी मंडी, महाबीर चौक, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी समेत लगभग एक दर्जन इलाकों में पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है। यहां पानी की आपूर्ति दो से तीन दिन में आ रही है। इसलिए टैंकरों की सहायता से ही काम चलाना पड़ रहा है। इस समय शहर में लगभग 80 टैंकर वॉटर सप्लायर हैं। ये पूरे शहर में चक्कर लगाकर लोगों के घरों में बने टैंकों में पानी डाल रहे हैं। टैंकर चालकों का कहना है कि जैसे जैसे गर्मी बढ़ रही है पानी की डिमांड भी बढ़ने लगी है। पहले जहां एक दो टैंकर की औसत प्रतिदिन आती थी वहीं अब यह डिमांड तीन से चार टैंकर की है। यानी शहर में प्रतिदिन 300 से 350 टैंकर पानी की सप्लाई हो रही है। एक टैंकर पानी की कीमत 300 से 350 रुपये वसूली जा रही है।
गांवों में हालात और भी विकट
नांगल दूर्गू, मोसनौता, पांचनौता, बांयल, गोलवा, रोपड़ सराय, नया गांव सलामपुरा, गांवड़ी जाट, पवेरा, सरेली, दोचाना में पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोगों को दो से तीन किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार प्रशासन से गुहार लगा रहे है कि किसी तरह से उनकी समस्या का समाधान किया जाए जिससे लोगों का राहत मिल सके। लेकिन झूठे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। गांव दोचाना के राजेंद्र कुमार ने बताया कि गांव में पानी की सप्लाई के दो माध्यम हैं एक नहरी पानी व दूसरा पंचायती बोर। पंचायती बोर पिछले एक महीने से बंद है और नहरी पानी की सप्लाई आ नहीं रही है। बार-बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद पानी की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। एक तो ऊपर से कोरोना की महामारी से लोग पहले ही त्रस्त हैं दूसरा इस भीषण गर्मी में लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। प्रशासन से मांग कर चुके हैं कि जब तक नहरी पानी की सप्लाई सुचारू रूप से न हो तब तक गांव में पानी के टैंकरों की व्यवस्था की जाए ताकि आमजन को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। ग्राम सचिव को भी बार-बार अवगत करवाया जा चुका है लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है।
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शहर के जलघरों में नहीं बचा पानी
शहर में पेयजल सप्लाई के लिए दो नसीबपुर तथा रेवाड़ी रोड़ पर बने जलघरों से पानी की सप्लाई होती है। इन दोनों ही जलघरों में अब पानी नहीं है। ऐसे में अगर नहर में पानी जल्द नहीं आया तो शहर में पेयजल का संकट अधिक गहरा सकता है।
टैंकों में पानी कम बचा है। सोमवार शाम तक नहर में पानी पहुंचने की संभावना है। इसके बाद शहर के दोनों टैंकों को ही प्राथमिकता के साथ भरा जाएगा जिससे पेयजल की समस्या न हो। गांवों में जहां दिक्कत है वहां पर टैंकर की सहायता से पानी टंकियों में डलवाया जा रहा है।
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- सुनील रंगा, कार्यकारी अभियंता जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकि विभाग
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