महेंद्रगढ़। पिछले तीन दशक के दौरान शहर की आबादी 20 हजार से 50 हजार तक पहुंच गई है, लेकिन पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं वहीं की वहीं हैं। अब शहरवासियों की इस समस्या से जल्द निजात मिलने की उम्मीद जगी है।
अटल मिशन के तहत 22 करोड़ रुपये की जल परियोजना तैयार करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से हरी झंडी मिल चुकी है। वहीं विभाग के अधिकारियों की ओर से अब सभी प्रकार की प्रक्रिया पूरी कर इसकी फाइल तैयार करके चंडीगढ़ भेजी जा चुकी है। अब इस परियोजना को अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति मिलने की उम्मीद भी इसी माह पूरी होते दिखाई दे रही है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए गत 25 अप्रैल को जन स्वास्थ्य विभाग की तकनीकी शाखा की ओर से भेजे गए 19.18 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति पूर्व में ही मिल चुकी है। वहीं करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से गांव चितलांग की 10 एकड़ पंचायती भूमि खरीदने के लिए खर्च की जाएगी।
तीन दशक तक नहीं होगी शहर में पेजयल के लिए कोई परेशानी
अटल मिशन के तहत इस प्रोजेक्ट के लिए 22 करोड़ रुपये मंजूर किये गए हैं। परियोजना के तहत गांव चितलांग में लगभग 10 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण करके वहां पर दो नए टैंक बनाए जाएंगे। साथ ही मौजूदा देवास जलघर के फिल्टर सिस्टम को भी दुरूस्त करके क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। शहर में तीन अतिरिक्त बूस्टिंग स्टेशन बनाकर ऊंचाई वाले क्षेत्र में पेयजल पहुंचाया जाएगा। साथ ही तीन दशक के दौरान बनी नई कालोनियों में भी पेयजल उपलब्ध हो पाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग ने 19.18 करोड़ के एस्टीमेट को मंजूरी के लिए मुख्यालय भेज दिया गया है।
20 हजार की आबादी के हिसाब से बनी थी देवास परियोजना
तीन दशक पहले शहर की करीब 20 हजार की आबादी के लिए गांव देवास स्थित परियोजना को तैयार किया गया था। इसमें चार वाटर टैंक बनाकर चार किलोमीटर भूमिगत पाइप लाइन दबाकर शहर में बने बूस्टिंग स्टेशन से पेयजल आपूर्ति की जाती है। तीन दशक में आबादी 50 हजार तक पहुंच गई है। इसके कारण शहर में हर वर्ष पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है। गांव देवास में वाटर टैंक बनाया गया था व वहीं फिल्टर सिस्टम भी लगाकर शहर में पेयजल आपूर्ति होती है।
यह होगी परियोजना
वर्तमान समय में गांव देवास में करीब दस एकड़ भूमि पर बने नहरी पानी आधारित चार जलघरों से शहर में पेयजल आपूर्ति होती है। इसकी क्षमता महज 85 लाख लीटर होने के कारण शहर की आबादी के लिए 14 दिन का पानी स्टोर हो सकता है। क्योंकि शहर की करीब 50 हजार की आबादी को प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 155 लीटर के हिसाब से कुल 6.45 लाख लीटर पानी की जरूरत होती है। नहरी पानी के अभाव में सप्ताह के बाद पानी की राशनिंग शुरू कर दी जाती है। विभाग यह परियोजना वर्ष 2047 तक की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए तैयार कर रहा है। गांव चितलांग की 10 एकड़ पंचायती भूमि पर चार बड़े वाटर टैंक बनाकर शहर में नए बनने वाले चार बूस्टिंग स्टेशनों पर भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से आपूर्ति होगी।
इस परियोजना के लिए विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। इसका फाइनल एस्टीमेट बनाकर प्रशासनिक स्वीकृति के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि इसी माह इस परियोजना को अंतिम स्वीकृति मिल जाएगी। स्वीकृति के बाद टेंडर लगाकर काम शुरू किया जाएगा।
-दीपचंद, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़।