फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहरों के टूटने से खेतों में भरा पानी, बीजी गई सरसों की फसल को नुकसान

विज्ञापन
नहर टूटने से गांव मक्सूसपुर के खेतों में भरा पानी। संवाद - फोटो : Narnol
विज्ञापन
हसनपुर व राता डिस्ट्रीब्यूटरी की नहर टूटने से कई खेतों में पानी भर गया, जिससे किसानों की बीजी गई सरसों खराब हो गई। वहीं नहरों के टूटने की सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तुरंत नहरी पानी को बंद करवाया दिया। वहीं नहरों की मरम्मत का कार्य शुरू करवाया दिया, लेकिन पानी बंद होने तक कई एकड़ जमीन पर पानी भर गया, इसलिए किसानों ने विभाग से जलभराव से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
विज्ञापन

हसनपुर डिस्ट्रीब्यूरी की नहर टूटने से गांव मक्सूसपुर की लगभग 8 एकड़ जमीन पर पानी भर गया। खेतों में नहर का पानी भरने से सरसों की फसल खराब होने का अंदेशा बन गया। हसनपुर डिस्ट्रीब्यूटर में शनिवार शाम को पानी छोड़ा गया था। सुबह करीब 6 बजे गांव मक्सूसपुर के पास नहर टूट गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नहर विभाग की टीम ने पानी को बंद करवाया। मगर तब तक लगभग 8 एकड़ जमीन में पानी भर गया। नहर के साथ लगते लगभग दो एकड़ जमीन में मिट्टी कटाव के चलते अधिक नुकसान हुआ है। सिंचाई विभाग के जेई इंद्रजीत ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे नहर टूटने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर पानी को बंद करवाया गया। नहर टूटने से लगभग 8 एकड़ जमीन में जलभराव हुआ है। टूटी हुई नहर की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। जलभराव से हुए नुकसान का पैमाइश करने के बाद किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी। नहर टूटने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
मंडी अटेली के राता डिस्ट्रीब्यूटर की नहर टूटने के कारण लगभग 2 दर्जन से अधिक खेतों में पानी गया, जिसके कारण किसान चिंता बढ़ गई है। लगभग 10 घंटे पानी का बहाव जारी रहने के कारण सरसों की बिजाई की हुई फसल में नुकसान हो गया।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार भालकी से राता डिस्टीब्यूटरी की नहर में इस समय लगातार पानी चल रहा है। राता खुर्द गांव के समीप शनिवार रात नहर टूट गई, जिस कारण गांव के निवासी लालचंद, चंदगी राम व अन्य किसानों की लगभग 25 एकड़ भूमि पर पानी भर गया। लगातार पानी का बहाव जारी रहने से किसान चिंतित हो गए। बताया जाता है कि काफी समय से नहर की सफाई नहीं हो पाई थी। जिस कारण नहर टूटी है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते नहरों की साफ-सफाई होती तो इस तरह की समस्या उत्पन्न नहीं होती। ग्रामीणों की सूचना पर विभाग के कर्मचारियों ने नहर का पानी तो बंद कर दिया, लेकिन रविवार को अवकाश होने के कारण टूटी हुई नहर को दुरुस्त करने कार्य नहीं हो पाया। किसानों का कहना है कि कृषि क्षेत्र में अधिक मात्रा में जलभराव होने के कारण सरसों की बिजाई की हुई फसल खराब हो गई। ऐसे हालात में सरकार को समय रहते मुआवजा देना चाहिए ताकि किसान आर्थिक रूप से कमजोर न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें